
कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने महिला आरक्षण बिल को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि यह बिल केवल महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए नहीं था, बल्कि इसके पीछे संघीय ढांचे और संविधान पर हमला करने की साजिश भी छिपी हुई थी। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक माहौल और गरमा गया है।
प्रियंका गांधी ने आरोप लगाया कि सरकार महत्वपूर्ण मुद्दों पर पारदर्शिता के बजाय राजनीतिक लाभ के लिए फैसले ले रही है। उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण जैसे संवेदनशील विषय को सभी दलों के साथ व्यापक चर्चा के बाद ही लागू किया जाना चाहिए था।
इस बयान पर सत्तापक्ष की ओर से तीखी प्रतिक्रिया आने की संभावना है। वहीं, राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आगामी चुनावों के मद्देनजर ऐसे बयान सियासी बहस को और तेज कर सकते हैं।



