
भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता रविशंकर प्रसाद ने महिला आरक्षण को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि बिना परिसीमन प्रक्रिया पूरी हुए महिला आरक्षण को लागू नहीं किया जा सकता। उनके अनुसार यह संवैधानिक और व्यावहारिक दोनों दृष्टि से आवश्यक कदम है।
रविशंकर प्रसाद ने यह भी स्पष्ट किया कि परिसीमन के बाद ही लोकसभा और विधानसभा सीटों का उचित पुनर्गठन संभव होगा, जिससे महिला आरक्षण का सही क्रियान्वयन किया जा सकेगा। उन्होंने विपक्ष के उन आरोपों को भी खारिज किया, जिसमें सरकार पर देरी का आरोप लगाया जा रहा था।
इस बयान के बाद महिला आरक्षण को लेकर चल रही राजनीतिक बहस और तेज हो गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह मुद्दा आने वाले समय में संसद और चुनावी राजनीति दोनों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।



