
15 अगस्त 2026 को देश अपना 80वां स्वतंत्रता दिवस मनाएगा। इस बार लाल किले पर होने वाले राष्ट्रीय समारोह में एक ऐतिहासिक बदलाव किया गया है। पहली बार लाल किले की प्राचीर से राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ का औपचारिक गायन किया जाएगा। यह आयोजन ऐसे समय हो रहा है जब ‘वंदे मातरम’ की रचना के 150 वर्ष पूरे होने का अवसर भी मनाया जा रहा है।
रक्षा मंत्रालय के अनुसार, इस वर्ष समारोह के कार्यक्रम क्रम में ‘वंदे मातरम’ को विशेष स्थान दिया गया है। रिपोर्टों के मुताबिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन और ध्वजारोहण के बाद राष्ट्रगान के साथ समारोह का औपचारिक क्रम आगे बढ़ेगा। ‘वंदे मातरम’ के गायन को लेकर इस वर्ष के स्वतंत्रता दिवस समारोह को विशेष महत्व दिया जा रहा है।
150 वर्ष पूरे होने का विशेष अवसर
‘वंदे मातरम’ के 150 वर्ष पूरे होने के मौके पर इसे स्वतंत्रता दिवस समारोह का हिस्सा बनाया गया है। यह गीत भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के इतिहास से गहराई से जुड़ा रहा है और लंबे समय से राष्ट्रीय भावनाओं के प्रमुख प्रतीकों में शामिल है।
युवा शक्ति पर केंद्रित होगा समारोह
इस वर्ष स्वतंत्रता दिवस समारोह का फोकस युवा शक्ति पर रखा गया है। देशभर से प्रतिभाशाली युवाओं और विभिन्न क्षेत्रों में उपलब्धि हासिल करने वाले युवा अचीवर्स को विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया है। 2026 के अंतरराष्ट्रीय विज्ञान ओलंपियाड में पदक जीतने वाले 19 छात्र भी समारोह में विशेष रूप से शामिल होंगे।
लाल किले से नया संदेश
स्वतंत्रता दिवस समारोह में ‘वंदे मातरम’ को आधिकारिक कार्यक्रम क्रम में शामिल किए जाने से इस वर्ष का आयोजन पहले के मुकाबले अलग नजर आएगा। लाल किले की ऐतिहासिक प्राचीर से होने वाला यह गायन स्वतंत्रता आंदोलन की विरासत और राष्ट्रीय एकता की भावना को रेखांकित करने वाला महत्वपूर्ण क्षण होगा।
15 अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लाल किले की प्राचीर से तिरंगा फहराएंगे और देश को संबोधित करेंगे। इसके साथ ही पहली बार प्राचीर से ‘वंदे मातरम’ का औपचारिक गायन इस वर्ष के स्वतंत्रता दिवस समारोह को ऐतिहासिक बना देगा।



