धर्म-आस्था
अक्षय तृतीया 2026 पूजा विधि: जानें सही पूजा और मंत्र

Akshaya Tritiya के दिन पूजा का विशेष महत्व होता है। इस दिन सुबह स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करने के बाद भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा की जाती है।
पूजा की शुरुआत दीप प्रज्वलन और संकल्प से की जाती है। इसके बाद पुष्प, अक्षत, धूप, दीप और नैवेद्य अर्पित किया जाता है। इस दिन “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” और “ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः” मंत्र का जाप अत्यंत शुभ माना जाता है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन श्रद्धा और भक्ति भाव से की गई पूजा से अक्षय फल की प्राप्ति होती है और जीवन में सुख-समृद्धि का वास होता है।
अक्षय तृतीया की पूजा न केवल आध्यात्मिक लाभ देती है, बल्कि यह व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और सौभाग्य को भी बढ़ाती है।



