धर्म-आस्था

Anant Chaturdashi 2025: अनंत चतुर्दशी कब है? जानें तिथि, पूजा विधि और महत्व

अनंत चतुर्दशी हिन्दू धर्म का एक अत्यंत महत्वपूर्ण पर्व है, जो भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाया जाता है। वर्ष 2025 में अनंत चतुर्दशी का पर्व 8 सितंबर 2025, सोमवार के दिन मनाया जाएगा। यह दिन विशेष रूप से भगवान विष्णु को समर्पित होता है। मान्यता है कि इस दिन अनंत भगवान की पूजा करने और अनंत सूत्र बांधने से जीवन में सुख-समृद्धि और कष्टों से मुक्ति मिलती है।

अनंत चतुर्दशी का धार्मिक महत्व बेहद गहरा है। इस दिन श्रद्धालु प्रातः स्नान करके व्रत का संकल्प लेते हैं। भगवान विष्णु के समक्ष कलश स्थापना की जाती है और शंख, चक्र, गदा एवं पद्म से अलंकृत भगवान के स्वरूप का पूजन किया जाता है। इसके बाद अनंत सूत्र (कच्चे धागे में 14 गांठ लगाकर) को भगवान के समक्ष रखकर पूजा जाता है। पूजा के उपरांत पुरुष अपने दाहिने हाथ में और महिलाएं अपने बाएं हाथ में अनंत सूत्र बांधती हैं। ऐसा करने से घर में शांति और समृद्धि बनी रहती है।

इस दिन व्रती 14 वर्षों तक यह व्रत करने का संकल्प लेते हैं। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, युधिष्ठिर ने भगवान कृष्ण की आज्ञा से अनंत चतुर्दशी का व्रत किया था, जिसके प्रभाव से उन्हें पुनः राजसुख प्राप्त हुआ। इसलिए इस व्रत को असीम फलदायी माना जाता है।

अनंत चतुर्दशी का विशेष महत्व महाराष्ट्र और अन्य राज्यों में इसलिए भी है क्योंकि इस दिन गणेश विसर्जन का आयोजन होता है। गणेश चतुर्थी के दस दिनों बाद अनंत चतुर्दशी को गणपति बप्पा का जल में विसर्जन किया जाता है। भक्त पूरी श्रद्धा और उत्साह के साथ “गणपति बप्पा मोरया” के जयकारों के साथ बप्पा को विदाई देते हैं।

अतः अनंत चतुर्दशी केवल व्रत और पूजा का पर्व ही नहीं बल्कि आस्था, विश्वास और भक्ति का प्रतीक भी है। यह दिन भक्तों के लिए भगवान विष्णु की कृपा पाने और जीवन में अनंत सुख की कामना करने का पावन अवसर प्रदान करता है।

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