क्या आप गलत हाथ में बांध रहे हैं कलावा? जानें 3 जरूरी नियम

कलावा (रक्षासूत्र) को हिंदू धर्म में सुरक्षा, सौभाग्य और आस्था का प्रतीक माना जाता है। इसे सामान्यतः पूजा-पाठ के दौरान पंडित द्वारा मंत्रोच्चारण के साथ बांधा जाता है। मान्यता के अनुसार पुरुषों को इसे दाहिने हाथ में और महिलाओं को बाएं हाथ में बांधना शुभ माना जाता है। गलत हाथ में कलावा बांधने से शुभ फल कम हो सकते हैं, ऐसा पारंपरिक मान्यताओं में कहा गया है।
दूसरा महत्वपूर्ण नियम यह है कि कलावा को बिना कारण बार-बार नहीं खोलना चाहिए। इसे तब तक पहनना चाहिए जब तक यह स्वयं टूट न जाए या पुराना न हो जाए। कई लोग इसे बीच में ही उतार देते हैं, जो धार्मिक दृष्टि से उचित नहीं माना जाता।
तीसरा नियम यह है कि पुराने कलावे को सम्मानपूर्वक उतारकर किसी पवित्र स्थान जैसे नदी या पेड़ के नीचे विसर्जित करना चाहिए, न कि उसे इधर-उधर फेंकना चाहिए। इन नियमों का पालन करने से आस्था के अनुसार सकारात्मक ऊर्जा और शुभ फल प्राप्त होते हैं।



