Brihaspati Chalisa: गुरुवार को करें इस चालीसा का पाठ, मिलेगी मनचाही मुराद
बृहस्पति देव को देवताओं के गुरु और ज्ञान, धन, वैवाहिक सुख तथा संतान के कारक ग्रह के रूप में पूजा जाता है। ज्योतिष के अनुसार, यदि किसी व्यक्ति की कुंडली में बृहस्पति ग्रह कमजोर हो या गुरु ग्रह की दशा अनुकूल न हो, तो जीवन में कई प्रकार की बाधाएं आती हैं। ऐसी स्थिति में गुरुवार के दिन बृहस्पति चालीसा का पाठ करना अत्यंत शुभ फलदायी माना जाता है।
गुरुवार के दिन प्रातः स्नान करके पीले वस्त्र धारण करें और पूजा स्थान को साफ करके बृहस्पति देव की तस्वीर या यंत्र के सामने पीले फूल, गुड़-चना और हल्दी अर्पित करें। फिर धूप-दीप जलाकर श्रद्धा के साथ बृहस्पति चालीसा का पाठ करें।
🕉 बृहस्पति चालीसा पाठ के लाभ:
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बृहस्पति ग्रह से संबंधित सभी दोषों का नाश होता है
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विवाह में आ रही बाधाएं दूर होती हैं
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शिक्षा, ज्ञान और संतान संबंधी समस्याओं में राहत मिलती है
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नौकरी और प्रमोशन में आ रही अड़चनें खत्म होती हैं
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घर में सुख-शांति और समृद्धि का वास होता है
विशेषकर जिन लोगों की कुंडली में गुरु चांडाल योग, बृहस्पति की महादशा, या नीच राशि में गुरु स्थित है, उन्हें यह चालीसा नियमित रूप से पढ़नी चाहिए। साथ ही, पीले रंग के वस्त्र पहनना, पीली दाल या केले का दान करना भी शुभ माना जाता है।
श्रद्धा और भक्ति से किया गया बृहस्पति चालीसा का पाठ न केवल ग्रह दोषों को शांत करता है, बल्कि जीवन में स्थिरता, समृद्धि और सकारात्मकता भी लाता है।



