Dhanteras 2025: जानें भगवान धन्वंतरि और कुबरे जी की पूजा विधि, सोना-चांदी के शुभ मुहूर्त

Dhanteras 2025 का पर्व धन और समृद्धि का प्रतीक है, जो दिवाली उत्सव से दो दिन पहले मनाया जाता है। इस दिन भगवान धन्वंतरि और कुबरे जी की पूजा विशेष महत्व रखती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन की गई पूजा से स्वास्थ्य, धन और व्यापार में वृद्धि होती है। साथ ही सोना और चांदी खरीदना भी अत्यंत शुभ माना जाता है, क्योंकि यह लक्ष्मी माता को प्रसन्न करता है और घर में समृद्धि लाता है।
पूजा की विधि शुरू करने से पहले घर को साफ और पवित्र करना जरूरी है। इसके बाद एक साफ स्थान पर लाल या पीले रंग का वस्त्र बिछाकर भगवान धन्वंतरि और कुबरे जी की मूर्तियों या चित्रों को स्थापित करें। पूजा में दीपक, धूप, अगरबत्ती, फूल, अक्षत (चावल) और नैवेद्य का उपयोग किया जाता है। सबसे पहले भगवान धन्वंतरि की आराधना करें, जो स्वास्थ्य और चिकित्सा का देवता हैं। उन्हें तुलसी, हल्दी, हलवा या मोदक का भोग अर्पित करें।
इसके बाद कुबरे जी की पूजा करें, जो धन और वैभव के देवता हैं। उनके सामने सोने-चांदी के सिक्के, छोटी वस्तुएं और मिठाई रखें। पूजा के दौरान मंत्रों का उच्चारण करना शुभ माना जाता है। जैसे कि “ॐ धन्वंतरये नमः” और कुबरे जी के लिए “ॐ कुबेराय विद्महे” मंत्र का जाप करना लाभकारी होता है।
Dhanteras पर सोना और चांदी खरीदना अत्यंत शुभ होता है। ज्योतिष अनुसार 2025 में सोना और चांदी खरीदने के लिए शुभ मुहूर्त दिन में सुबह 9:00 बजे से लेकर दोपहर 12:30 बजे तक और शाम 4:30 बजे से 6:00 बजे तक रहेगा। इस समय खरीदी गई धातु परिवार में सुख-समृद्धि और धन वृद्धि लाती है।
पूजा के अंत में घर के मुख्य दरवाजे और पूजा स्थान पर दीपक जलाएं और भगवान से आशीर्वाद लें। इस विधि से धन्वंतरि और कुबरे जी की पूजा करने से न केवल स्वास्थ्य और धन की वृद्धि होती है, बल्कि घर में सकारात्मक ऊर्जा और लक्ष्मी माता का वास भी सुनिश्चित होता है। Dhanteras 2025 इस पूजा के माध्यम से आपके जीवन में खुशहाली और समृद्धि का संदेश लेकर आएगा।



