Jyeshtha Maas 2026: ज्येष्ठ मास की शुरुआत कब, पुरुषोत्तम मास का संयोग और नियम

ज्येष्ठ मास (Jyeshtha Maas) हिंदू पंचांग में अत्यंत पवित्र महीना माना जाता है, जो गर्मी के चरम समय में आता है। वर्ष 2026 में इस मास की शुरुआत को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्सुकता बनी हुई है, क्योंकि इस बार इसमें पुरुषोत्तम मास (Purushottam Maas) का संयोग भी बताया जा रहा है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ज्येष्ठ मास में दान, स्नान, व्रत और पूजा-पाठ का विशेष महत्व होता है। इस दौरान जल दान और जरूरतमंदों की सेवा करना अत्यंत पुण्यकारी माना जाता है। वहीं पुरुषोत्तम मास के कारण यह समय और भी अधिक शुभ और आध्यात्मिक महत्व रखता है।
इस अवधि में कुछ कार्यों से बचने की सलाह दी जाती है, जैसे क्रोध करना, झूठ बोलना और नकारात्मक सोच रखना। इसके बजाय भक्ति, संयम और सेवा भाव अपनाने पर जोर दिया जाता है।
धार्मिक दृष्टि से यह समय आत्मशुद्धि और ईश्वर भक्ति के लिए सर्वोत्तम माना जाता है, जिससे व्यक्ति के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि आती है।



