ज्येष्ठ माह 2026: निर्जला एकादशी और गंगा दशहरा सहित 5 पर्व

हिंदू पंचांग के अनुसार ज्येष्ठ माह को धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। इस महीने में कई बड़े व्रत और पर्व आते हैं, जिनका विशेष आध्यात्मिक महत्व होता है। हिंदू पंचांग के अनुसार यह समय तप, दान और पूजा-पाठ के लिए विशेष रूप से शुभ माना जाता है।
इस महीने का सबसे प्रमुख व्रत निर्जला एकादशी होता है, जिसे सबसे कठिन और फलदायी एकादशी माना जाता है। इस दिन बिना जल ग्रहण किए उपवास रखा जाता है और भगवान विष्णु की पूजा की जाती है।
इसके अलावा गंगा दशहरा भी इसी माह में मनाया जाता है, जो गंगा नदी के पृथ्वी पर अवतरण का प्रतीक है। इस दिन स्नान, दान और पूजा का विशेष महत्व होता है।
ज्येष्ठ माह में वट सावित्री व्रत, अपरा एकादशी और गंगा पूजा जैसे अन्य महत्वपूर्ण पर्व भी आते हैं, जो वैवाहिक सुख, समृद्धि और आध्यात्मिक शुद्धि से जुड़े माने जाते हैं।
कुल मिलाकर यह महीना धार्मिक गतिविधियों, व्रत और पुण्य कर्मों के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है, जिसमें श्रद्धा और नियम से किए गए कार्यों का विशेष फल मिलता है।



