कूर्म जयंती 2026 पूजा विधि, भोग और मंत्र, जानें जरूरी नियम

कूर्म जयंती हिंदू धर्म में भगवान विष्णु के कूर्म अवतार को समर्पित एक पावन पर्व माना जाता है। इस दिन भक्त विशेष रूप से पूजा-पाठ करके भगवान विष्णु का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं और जीवन में स्थिरता व समृद्धि की कामना करते हैं।
इस दिन पूजा करने की सही विधि के अनुसार प्रातःकाल स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करने चाहिए। इसके बाद भगवान विष्णु के कूर्म रूप की प्रतिमा या चित्र की पूजा की जाती है, जिसमें दीपक, पुष्प और तुलसी दल अर्पित किया जाता है।
भोग में सामान्यतः सात्त्विक भोजन जैसे फल, मिठाई और पंचामृत अर्पित करने का विधान होता है। साथ ही “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का जाप अत्यंत शुभ माना जाता है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन पूजा में कुछ गलतियों से बचना चाहिए, जैसे तामसिक भोजन का प्रयोग, क्रोध करना या पूजा में लापरवाही। सही विधि से की गई पूजा जीवन में सुख, शांति और स्थिरता लाने वाली मानी जाती है।



