Masik Shivratri 2025: आश्विन मासिक शिवरात्रि की तिथि, शुभ मुहूर्त और महत्व

हिंदू पंचांग में प्रत्येक महीने कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मासिक शिवरात्रि का पर्व मनाया जाता है। यह व्रत भगवान शिव और माता पार्वती की कृपा प्राप्त करने के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। आश्विन मास की मासिक शिवरात्रि 2025 में विशेष महत्व रखती है क्योंकि यह पितृपक्ष और आगामी नवरात्रि के बीच आ रही है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन उपवास और भगवान शिव की पूजा करने से साधक को मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है और जीवन से नकारात्मक ऊर्जा का नाश होता है।
पंचांग के अनुसार, आश्विन मासिक शिवरात्रि 2025 26 सितंबर, शुक्रवार को मनाई जाएगी। चतुर्दशी तिथि का आरंभ 26 सितंबर की सुबह 03:48 बजे होगा और इसका समापन 27 सितंबर की सुबह 01:55 बजे होगा। शिव पूजा और व्रत का शुभ मुहूर्त 26 सितंबर की मध्यरात्रि को विशेष फलदायी रहेगा। इस दिन निशीथ काल में भगवान शिव की पूजा करने का महत्व सबसे अधिक बताया गया है।
मासिक शिवरात्रि पर भक्तगण उपवास रखते हैं और पूरे दिन भगवान शिव के नाम का जाप करते हैं। शाम को स्नान करने के बाद शिवलिंग पर बेलपत्र, धतूरा, जल, दूध और मधु चढ़ाया जाता है। “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का जाप करने से मानसिक शांति, रोगों से मुक्ति और परिवार में सुख-समृद्धि का वास होता है। जो व्यक्ति सच्चे भाव से शिवरात्रि का व्रत करता है, उसे जीवन में सफलता, वैवाहिक सुख और मोक्ष की प्राप्ति होती है।
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार आश्विन मास की शिवरात्रि पर सिद्ध योग का संयोग बनने से इस दिन पूजा का महत्व और भी बढ़ जाएगा। यह योग भक्तों के लिए धन, आरोग्य और वैवाहिक जीवन में स्थिरता लाने वाला होगा। अतः इस अवसर पर श्रद्धालुओं को पूरे विधि-विधान से भगवान शिव की पूजा करनी चाहिए।



