
ज्योतिष शास्त्र में Rahu को एक छाया ग्रह माना गया है, जिसका प्रभाव जीवन में भ्रम, बाधा और अचानक बदलाव के रूप में देखा जाता है। ऐसे में राहु की शांति के लिए मंत्र जाप और उपायों का विशेष महत्व बताया गया है।
राहु शांति के लिए सामान्यतः “ॐ भ्रां भ्रीं भ्रौं सः राहवे नमः” मंत्र का जप किया जाता है। माना जाता है कि नियमित और श्रद्धा के साथ इस मंत्र का जाप करने से मानसिक शांति मिलती है और नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव कम हो सकता है।
जप विधि के अनुसार, सुबह या संध्या समय शांत स्थान पर बैठकर मंत्र का जाप करना चाहिए। काले वस्त्र, काले तिल या सरसों के तेल का दान करना भी राहु दोष को शांत करने में सहायक माना जाता है।
हालांकि, ज्योतिषीय उपायों को व्यक्ति की कुंडली और परिस्थिति के अनुसार अपनाना बेहतर माना जाता है। यह आध्यात्मिक अभ्यास आस्था और विश्वास पर आधारित होते हैं और मानसिक संतुलन में मदद कर सकते हैं।



