धर्म-आस्था

सफला एकादशी 2025 व्रत नियम: क्या खाएं, क्या न खाएं और व्रत की संपूर्ण विधि

हिंदू धर्म में एकादशी का व्रत अत्यंत पुण्यदायी माना जाता है। पौष मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी को सफला एकादशी कहा जाता है। ऐसा माना जाता है कि इस व्रत के प्रभाव से साधक के सभी अर्न्तगत दोष दूर होते हैं, मन और आत्मा का शुद्धिकरण होता है और जीवन में सफलता की प्राप्ति होती है। वर्ष 2025 में सफला एकादशी विशेष शुभ संयोग लेकर आ रही है, इसलिए भक्तगण इस व्रत को पूरे नियम और संयम के साथ करते हैं।

सफला एकादशी व्रत में क्या खाएं?

व्रत के दिन सात्त्विक भोजन और फलाहार का पालन करना अत्यंत आवश्यक माना जाता है। आप दिन भर फल, दूध, दही, मखाना, सिंघाड़े का आटा, राजगीरा, शकरकंद, आलू और मूंगफली का सेवन कर सकते हैं। चाय की जगह नींबू पानी या नारियल पानी लेना अधिक उत्तम माना जाता है, इससे शरीर में ऊर्जा बनी रहती है। यदि आप निर्जला व्रत नहीं कर रहे हैं, तो दिन में एक या दो बार फलाहार ले सकते हैं। सेंधा नमक का उपयोग अनिवार्य है, क्योंकि साधारण नमक को तामसिक माना गया है।

सफला एकादशी व्रत में क्या नहीं खाएं?

धार्मिक शास्त्रों के अनुसार इस दिन चावल, गेहूं, दालें, मांस, मदिरा, लहसुन, प्याज़ और तामसिक पदार्थों का सेवन सख्त वर्जित है। इसके अलावा फास्ट फूड, पैक्ड फूड और तले-भुने भोजन से भी दूर रहने की सलाह दी जाती है। चावल को एकादशी में विशेष रूप से निषिद्ध माना गया है, क्योंकि मान्यता है कि चावल खाने से व्रत का फल घट जाता है और मन अशांत होता है। इसलिए केवल सात्त्विक और हल्का भोजन ही ग्रहण करना चाहिए।

व्रत कैसे करें? सही नियम

सफला एकादशी की पूर्व संध्या पर ही साधक को संयम का पालन शुरू करना चाहिए। सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और भगवान विष्णु की पूजा करें। पीले या सफेद वस्त्र पहनना शुभ माना जाता है। व्रत करते समय ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ मंत्र का जाप करना अत्यंत फलदायी है। पूरे दिन सत्य, अहिंसा और ब्रह्मचर्य का पालन करना चाहिए। रात में जागरण करने से व्रत का फल और भी बढ़ जाता है। द्वादशी तिथि को व्रत का पारण उचित समय पर फलाहार से करना चाहिए और जरूरतमंदों को दान देने से पुण्य कई गुना बढ़ जाता है।

सफला एकादशी व्रत के माध्यम से मनुष्य अपने जीवन में न केवल आध्यात्मिक उन्नति प्राप्त करता है, बल्कि मानसिक शांति और सुख-समृद्धि भी हासिल करता है। इसीलिए इसे “सफलता प्रदान करने वाली एकादशी” कहा गया है।

Zee NewsTimes

Founded in 2018, Zee News Times has quickly emerged as a leading news source based in Lucknow, Uttar Pradesh. Our mission is to inspire, educate, and outfit our readers for a lifetime of adventure and stewardship, reflecting our commitment to providing comprehensive and reliable news coverage.

संबंधित समाचार

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button