
वैशाख अमावस्या हिन्दू पंचांग में अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है। 2026 में यह अमावस्या या तो 17 अप्रैल या 18 अप्रैल को हो सकती है, जो पंचांग अनुसार तय होगी। इस दिन पितरों की आत्मा की शांति के लिए श्राद्ध, तर्पण और दान करना शुभ माना जाता है। माना जाता है कि इस दिन किए गए पितृ दोष निवारण कर्म जीवन में सुख-समृद्धि और मानसिक शांति लाते हैं।
वैशाख अमावस्या पर पितृ तर्पण के लिए नदी, तालाब या किसी पवित्र जलाशय का पानी उपयोग करना लाभकारी होता है। इस दिन दान में विशेष ध्यान दें — गरीबों, ब्राह्मणों या जरूरतमंदों को भोजन, वस्त्र या धन देना शुभ फलदायक है।
अमावस्या का दिन केवल पितृ दोष निवारण ही नहीं, बल्कि आत्मा की शुद्धि और नए कार्यों की शुरुआत के लिए भी उत्तम माना जाता है। इस दिन किए गए धार्मिक कर्मों का पुण्य लंबा समय तक फलदायक रहता है और जीवन में सकारात्मक बदलाव लाता है।



