AUS vs BAN: डार्विन में 22 साल बाद टेस्ट क्रिकेट की वापसी, बांग्लादेश से भिड़ेगा ऑस्ट्रेलिया

ऑस्ट्रेलिया और बांग्लादेश के बीच टेस्ट सीरीज का पहला मुकाबला ऐतिहासिक होने जा रहा है। डार्विन में 22 साल के लंबे इंतजार के बाद टेस्ट क्रिकेट की वापसी होगी। Marrara Stadium में 13 अगस्त से शुरू होने वाला यह मुकाबला उत्तरी ऑस्ट्रेलिया के लिए भी बेहद खास है।
डार्विन ने इससे पहले 2004 में टेस्ट मैच की मेजबानी की थी। इसके बाद इस मैदान पर टेस्ट क्रिकेट नहीं खेला गया। अब बांग्लादेश के खिलाफ मुकाबले के साथ अंतरराष्ट्रीय टेस्ट क्रिकेट एक बार फिर इस शहर में लौट रहा है।
बांग्लादेश के लिए भी यह दौरा लंबे इंतजार के बाद आया है। टीम ने आखिरी बार 2003 में ऑस्ट्रेलिया का टेस्ट दौरा किया था। यानी करीब 23 साल बाद बांग्लादेश ऑस्ट्रेलियाई धरती पर टेस्ट सीरीज खेल रहा है।
ऑस्ट्रेलियाई टीम इस मुकाबले में अपने मजबूत गेंदबाजी आक्रमण के साथ उतरेगी। कप्तान पैट कमिंस के साथ मिचेल स्टार्क, जोश हेजलवुड और नाथन लियोन की वापसी से टीम काफी मजबूत दिखाई दे रही है। यह चौकड़ी एक साल से ज्यादा समय बाद एक साथ टेस्ट क्रिकेट में नजर आएगी।
इस मुकाबले में डार्विन के स्थानीय खिलाड़ी जेक वेदराल्ड पर भी खास नजर रहेगी। स्थानीय खिलाड़ी के तौर पर उनका खेलना शहर के क्रिकेट प्रशंसकों के लिए बड़ी उपलब्धि है। डार्विन में होने वाले इस टेस्ट को लेकर दर्शकों में भी जबरदस्त उत्साह है और 15 हजार से अधिक टिकट बिकने की जानकारी सामने आई है।
वहीं बांग्लादेश की टीम ऑस्ट्रेलिया के मजबूत पेस अटैक के सामने चुनौती पेश करने की कोशिश करेगी। विकेटकीपर-बल्लेबाज लिटन दास को भी पहले टेस्ट के लिए फिट घोषित किया गया है। टीम के कप्तान नजमुल हुसैन शांतो ने संकेत दिया है कि परिस्थितियों को देखते हुए प्लेइंग इलेवन में दूसरे स्पिनर को भी शामिल किया जा सकता है।
यह सीरीज वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के मौजूदा चक्र का भी हिस्सा है। ऑस्ट्रेलिया फिलहाल WTC तालिका में मजबूत स्थिति में है, जबकि बांग्लादेश के लिए ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अच्छा प्रदर्शन अंक तालिका में अपनी स्थिति मजबूत करने का बड़ा मौका होगा।
कुल मिलाकर, डार्विन में 22 साल बाद टेस्ट क्रिकेट की वापसी और बांग्लादेश का 23 साल बाद ऑस्ट्रेलिया लौटना इस मुकाबले को खास बना रहा है। अब देखना होगा कि ऐतिहासिक मैदान पर ऑस्ट्रेलिया का अनुभव भारी पड़ता है या बांग्लादेश कोई बड़ा उलटफेर कर पाता है।



