IND vs NZ 2nd ODI: ऑलराउंडरों के प्रयोग में फंसी टीम इंडिया, न्यूजीलैंड ने 7 विकेट से दर्ज की शानदार जीत

IND vs NZ दूसरे वनडे मुकाबले में टीम इंडिया को ऑलराउंडरों के ‘एक्सपेरिमेंट’ का खामियाजा भुगतना पड़ा। संतुलन बनाने के इरादे से चुनी गई भारतीय प्लेइंग इलेवन न तो बल्लेबाजी में मजबूती दिखा सकी और न ही गेंदबाजी में अपेक्षित धार नजर आई। टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए भारतीय टीम शुरुआती झटकों से उबर नहीं पाई। शीर्ष क्रम के बल्लेबाज जल्दी पवेलियन लौट गए, जिससे मध्यक्रम पर दबाव बढ़ गया। ऑलराउंडरों से रन और विकेट दोनों की उम्मीद थी, लेकिन वे किसी भी विभाग में प्रभाव छोड़ने में नाकाम रहे। नतीजतन भारत निर्धारित ओवरों में सम्मानजनक लेकिन चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा करने से चूक गया।
गेंदबाजी में भी भारतीय टीम की रणनीति सवालों के घेरे में रही। नई गेंद से विकेट निकालने में नाकामी और बीच के ओवरों में रन रोकने में असफलता ने न्यूजीलैंड के बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका दिया। कीवी टीम ने लक्ष्य का पीछा करते हुए धैर्य और आक्रामकता का बेहतरीन संतुलन दिखाया। उनके शीर्ष क्रम ने मजबूत शुरुआत दी, जबकि मध्यक्रम ने बिना किसी दबाव के मैच को भारत की पकड़ से पूरी तरह बाहर कर दिया। भारतीय गेंदबाज लाइन-लेंथ में निरंतरता नहीं बना पाए और फील्डिंग में हुई चूक ने भी स्थिति और बिगाड़ दी।
न्यूजीलैंड ने 7 विकेट से जीत दर्ज करते हुए न सिर्फ मैच अपने नाम किया, बल्कि सीरीज में भी अहम बढ़त बना ली। इस हार ने टीम इंडिया के चयन और रणनीति पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। ऑलराउंडरों के प्रयोग से टीम को गहराई तो मिली, लेकिन विशेषज्ञ बल्लेबाज और गेंदबाजों की कमी साफ दिखाई दी। कप्तानी फैसलों और गेंदबाजों के इस्तेमाल पर भी चर्चा होना तय है।
अब टीम इंडिया के लिए जरूरी है कि अगले मुकाबले से पहले संयोजन पर दोबारा विचार किया जाए। बल्लेबाजी क्रम में स्थिरता, गेंदबाजी में स्पष्ट भूमिकाएं और फील्डिंग में सुधार ही वापसी का रास्ता खोल सकते हैं। वहीं न्यूजीलैंड की टीम इस जीत से आत्मविश्वास से लबरेज नजर आ रही है और वह सीरीज पर पूरी तरह कब्जा जमाने के इरादे से उतरेगी। कुल मिलाकर दूसरा वनडे भारत के लिए चेतावनी साबित हुआ, जहां प्रयोग भारी पड़े और न्यूजीलैंड ने मौके का पूरा फायदा उठाकर शानदार जीत दर्ज की।



