IND vs SL: सरफराज खान ने घटाया 17 किलो वजन, कश्मीर में की कड़ी ट्रेनिंग

IND vs SL Test Series: भारतीय बल्लेबाज सरफराज खान की टीम इंडिया में वापसी सिर्फ चोट के कारण खाली हुई जगह का नतीजा नहीं है, बल्कि इसके पीछे उनकी फिटनेस और लगातार मेहनत भी अहम मानी जा रही है। सरफराज ने पिछले एक साल में अपनी फिटनेस पर खास ध्यान देते हुए करीब 17 किलो वजन कम किया। इसके बाद उन्होंने श्रीलंका की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए कश्मीर में भी कड़ी ट्रेनिंग की। अब साई सुदर्शन के चोटिल होने के बाद उन्हें श्रीलंका के खिलाफ दो टेस्ट मैचों की सीरीज के लिए भारतीय टीम में शामिल किया गया है।
17 किलो वजन कम कर बदला फिटनेस पर फोकस
सरफराज खान के लिए पिछले कुछ समय का सफर आसान नहीं रहा। टीम से बाहर रहने के दौरान उन्होंने अपनी फिटनेस को बेहतर बनाने पर जोर दिया। करीब 17 किलो वजन कम करना उनकी तैयारी का बड़ा हिस्सा रहा। इस बदलाव ने उनकी फिटनेस के साथ-साथ मैदान पर मूवमेंट और बल्लेबाजी की तैयारी को भी बेहतर करने में मदद की है।
कश्मीर में जमकर की ट्रेनिंग
IPL के बाद सरफराज ने मुंबई में टी20 क्रिकेट खेला। इसके बाद मानसून के दौरान वह कश्मीर चले गए, जहां उन्होंने नेट गेंदबाजों और स्थानीय खिलाड़ियों के साथ अभ्यास किया। खासतौर पर लाल मिट्टी वाली टर्निंग पिचों पर बल्लेबाजी का अभ्यास किया गया, ताकि श्रीलंका में मिलने वाली स्पिन चुनौती के लिए वह बेहतर तरीके से तैयार हो सकें।
स्पिन के खिलाफ सरफराज की खास तैयारी
श्रीलंका की परिस्थितियों में स्पिन गेंदबाजी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। सरफराज के पास स्पिन के खिलाफ कई तरह के शॉट खेलने की क्षमता है। वह पारंपरिक स्वीप के अलावा रिवर्स स्वीप भी प्रभावी ढंग से खेल सकते हैं। यही वजह है कि स्पिन-प्रधान परिस्थितियों में उनका अनुभव टीम के लिए उपयोगी साबित हो सकता है।
साई सुदर्शन की जगह मिली टीम में एंट्री
साई सुदर्शन के पैर के अंगूठे में चोट के कारण टेस्ट सीरीज से बाहर होने के बाद सरफराज को टीम में शामिल किया गया। चयनकर्ताओं ने उनके अनुभव को भी ध्यान में रखा। भारत और श्रीलंका के बीच दो टेस्ट मैचों की सीरीज का पहला मुकाबला 15 अगस्त से गॉल में खेला जाएगा।
क्या प्लेइंग XI में भी मिलेगा मौका?
टीम में चयन के बाद अगली चुनौती प्लेइंग XI में जगह बनाने की है। नंबर-3 की जगह के लिए सरफराज के साथ देवदत्त पड्डिकल का नाम भी चर्चा में है। ऐसे में सरफराज की फिटनेस, स्पिन के खिलाफ उनकी क्षमता और अंतरराष्ट्रीय अनुभव उनके पक्ष में जा सकता है। अंतिम फैसला टीम मैनेजमेंट की रणनीति और परिस्थितियों के आधार पर होगा।
सरफराज के लिए श्रीलंका दौरा खुद को फिर से साबित करने का बड़ा मौका है। फिटनेस में सुधार, कश्मीर में स्पिन के खिलाफ तैयारी और घरेलू क्रिकेट का अनुभव उनके पक्ष में है। अब देखना होगा कि टीम मैनेजमेंट उन्हें पहले टेस्ट की प्लेइंग XI में उतारता है या नहीं।



