वोट चोरी विवाद में विजेंदर सिंह का राहुल गांधी पर हमला, हरियाणवी में किया तंज

हाल ही में छिड़े ‘वोट चोरी’ विवाद में बॉक्सर से नेता बने विजेंदर सिंह ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी पर सीधा हमला बोला है। विजेंदर, जो खुद हरियाणा की राजनीति में सक्रिय हैं, ने सोशल मीडिया पर हरियाणवी अंदाज में तंज कसते हुए लिखा – “नाच न जाने आंगन टेढ़ा”। उनका यह बयान राहुल गांधी के उस दावे के जवाब में आया है जिसमें उन्होंने कहा था कि हरियाणा में वे 22,779 वोट से चुनाव हारे थे, लेकिन असल में उनकी हार वोट चोरी के कारण हुई।
राहुल गांधी ने हाल ही में एक जनसभा में आरोप लगाया था कि हरियाणा में लोकसभा चुनाव के दौरान वोटों में गड़बड़ी की गई और इसी वजह से वे जीत नहीं पाए। इस दावे पर बीजेपी समेत कई विरोधी दलों ने कड़ी प्रतिक्रिया दी थी। वहीं, विजेंदर सिंह ने भी इस बयान पर चुटकी लेते हुए कहा कि हार की जिम्मेदारी खुद न लेकर दूसरों पर डालना सही नहीं है। उन्होंने बिना नाम लिए यह संकेत दिया कि राजनीतिक मैदान में जीतने के लिए मेहनत और रणनीति जरूरी है, न कि बाद में बहाने बनाना।
विजेंदर सिंह ने अपने राजनीतिक करियर में कई बार स्पष्ट किया है कि वे साफ-सुथरी राजनीति और ईमानदार मुकाबले के पक्षधर हैं। उनका कहना है कि अगर जनता ने किसी को वोट नहीं दिया, तो इसका मतलब है कि उन्हें अपने काम और वादों पर पुनर्विचार करना चाहिए, न कि चुनाव आयोग या वोटिंग प्रक्रिया पर सवाल उठाना चाहिए।
हरियाणा की राजनीति में इस समय माहौल गर्म है। बीजेपी और कांग्रेस के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। राहुल गांधी के बयान को लेकर कांग्रेस के समर्थक जहां उनके पक्ष में तर्क दे रहे हैं, वहीं बीजेपी नेता और अन्य विपक्षी दल इसे हार का बहाना बता रहे हैं। विजेंदर सिंह का बयान इसी राजनीतिक खींचतान में नया मोड़ लेकर आया है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि विजेंदर सिंह जैसे लोकप्रिय और बेबाक नेताओं के बयान चुनावी माहौल को और तेज कर सकते हैं। हरियाणा में अगले चुनाव से पहले ऐसे तीखे राजनीतिक वार-पलटवार का सिलसिला बढ़ना तय है। वहीं, जनता के बीच यह चर्चा भी जोर पकड़ रही है कि क्या वाकई वोटिंग में कोई अनियमितता हुई थी, या यह सिर्फ राजनीतिक रणनीति का हिस्सा है।
कुल मिलाकर, विजेंदर सिंह का यह हरियाणवी अंदाज में किया गया तंज न सिर्फ सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, बल्कि इसने ‘वोट चोरी’ विवाद को और उछाल दिया है। अब देखना यह होगा कि राहुल गांधी इस पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं और आने वाले दिनों में यह राजनीतिक बहस किस दिशा में जाती है।



