लखनऊ में 480 ग्राम की बच्ची ने जीती जिंदगी की जंग, 84 दिन वेंटिलेटर पर रही

लखनऊ में डॉक्टरों की मेहनत और आधुनिक चिकित्सा तकनीक की मदद से एक बेहद कम वजन वाली नवजात बच्ची ने जिंदगी की जंग जीत ली। जन्म के समय बच्ची का वजन महज 480 ग्राम था। इतनी कम उम्र और नाजुक स्थिति के बावजूद डॉक्टरों ने लगातार निगरानी और इलाज के जरिए उसे नया जीवन दिया।
बच्ची को जन्म के बाद गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं के कारण नवजात गहन चिकित्सा इकाई (NICU) में भर्ती कराया गया। उसकी हालत को देखते हुए उसे लंबे समय तक वेंटिलेटर सपोर्ट की जरूरत पड़ी। करीब 84 दिनों तक वेंटिलेटर पर रहने के बाद धीरे-धीरे उसकी स्थिति में सुधार आने लगा।
डॉक्टरों की टीम ने बच्ची के इलाज के दौरान हर छोटी-बड़ी चुनौती का सामना किया। संक्रमण से बचाव, सांस लेने में सहायता और शरीर के विकास पर लगातार नजर रखी गई। विशेषज्ञों के अनुसार, इतने कम वजन वाले शिशु का सफल इलाज चिकित्सा क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि माना जाता है।
परिजनों के लिए यह समय बेहद कठिन था, लेकिन डॉक्टरों के प्रयास और लगातार देखभाल से बच्ची की हालत बेहतर होती गई। स्वस्थ होने के बाद जब बच्ची को अस्पताल से छुट्टी मिली तो परिवार में खुशी का माहौल छा गया।
यह मामला नवजात चिकित्सा की बढ़ती क्षमताओं को भी दर्शाता है। आधुनिक NICU सुविधाओं और अनुभवी डॉक्टरों की टीम की मदद से अब बेहद कम वजन वाले प्रीमैच्योर बच्चों को भी बेहतर उपचार मिल पा रहा है।



