यूपी में स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार, 997 आरोग्य मंदिर सक्रिय

उत्तर प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है। सरकार का फोकस लोगों को उनके घर के नजदीक प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने पर है। इसी क्रम में प्रदेश के शहरी क्षेत्रों में बड़ी संख्या में आरोग्य मंदिरों को सक्रिय किया गया है। ताजा रिपोर्ट के अनुसार 997 शहरी आरोग्य मंदिर वर्तमान में संचालित हैं।
स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के साथ नए उपकेंद्रों के निर्माण पर भी जोर दिया जा रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक 747 नए उपकेंद्र तैयार किए गए हैं। इन केंद्रों के माध्यम से ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को प्राथमिक उपचार और जरूरी स्वास्थ्य सेवाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कराने का प्रयास है।
आयुष्मान आरोग्य मंदिरों का उद्देश्य केवल बीमारी का इलाज करना ही नहीं, बल्कि लोगों को निवारक और प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं भी उपलब्ध कराना है। ऐसे केंद्रों पर सामान्य स्वास्थ्य जांच, गैर-संचारी रोगों की स्क्रीनिंग, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य जैसी सेवाओं को मजबूत किया जा सकता है। केंद्र सरकार के अनुसार देशभर में आयुष्मान आरोग्य मंदिर प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को घर के करीब पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
प्रदेश में स्वास्थ्य ढांचे के विस्तार से मरीजों को छोटी स्वास्थ्य समस्याओं के लिए दूर स्थित बड़े अस्पतालों का रुख करने की जरूरत कम हो सकती है। स्थानीय स्तर पर प्राथमिक जांच और उपचार मिलने से समय और यात्रा खर्च दोनों में राहत मिलने की उम्मीद है।
स्वास्थ्य केंद्रों को बेहतर सुविधाओं से लैस करने के साथ दवाओं और आवश्यक उपकरणों की उपलब्धता पर भी ध्यान दिया जा रहा है। इससे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और आरोग्य मंदिरों में आने वाले मरीजों को अधिक प्रभावी सेवाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
सरकार की ओर से स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने और ज्यादा से ज्यादा लोगों तक चिकित्सा सुविधाएं पहुंचाने पर जोर दिया जा रहा है। नए उपकेंद्रों और आरोग्य मंदिरों के सक्रिय होने से प्रदेश के स्वास्थ्य ढांचे को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।



