मंत्री दयाशंकर बोले- सपा सरकार हत्यारों के साथ, पूजा पाल को योगी सरकार के समर्थन पर निकाला

उत्तर प्रदेश की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। भाजपा सरकार और समाजवादी पार्टी (सपा) के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। प्रदेश के मंत्री दयाशंकर सिंह ने बड़ा बयान देते हुए कहा कि सपा की सरकार हमेशा हत्यारों और अपराधियों के साथ खड़ी रही है। उन्होंने समाजवादी पार्टी से निलंबित विधायक पूजा पाल के मामले को भी सामने रखा और कहा कि सिर्फ इसलिए उन्हें पार्टी से बाहर कर दिया गया, क्योंकि उन्होंने विधानसभा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उनकी सरकार का समर्थन किया।
दयाशंकर सिंह ने कहा कि पूजा पाल ने विधानसभा में अपने वक्तव्य के दौरान योगी सरकार की कानून-व्यवस्था की सराहना की थी। उन्होंने यह भी कहा कि अपराधियों के खिलाफ जिस तरह की कार्रवाई वर्तमान सरकार कर रही है, वह अभूतपूर्व है। लेकिन समाजवादी पार्टी को यह रास नहीं आया और पार्टी ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उन्हें निष्कासित कर दिया। इससे यह साफ हो गया कि सपा अपराधियों और उनके सरंक्षकों के साथ खड़ी है, न कि जनता के साथ।
सपा से निकाले जाने के बाद पूजा पाल ने भी मीडिया के सामने अपनी बात रखी थी। उन्होंने कहा कि जनता के सामने सच रखना उनका कर्तव्य है। अगर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में अपराधियों पर सख्त कार्रवाई की है तो उसकी सराहना करनी चाहिए। लेकिन सपा नेतृत्व को यह मंजूर नहीं हुआ। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए दयाशंकर सिंह ने कहा कि समाजवादी पार्टी अपने नेताओं की आवाज को दबा रही है और सच बोलने वालों को पार्टी से बाहर कर रही है।
गौरतलब है कि पूजा पाल का राजनीति से पुराना नाता है और वह कई बार विधानसभा में सक्रिय भूमिका निभा चुकी हैं। उनका कहना था कि प्रदेश की जनता अब अपराध और भ्रष्टाचार से मुक्त शासन चाहती है। योगी सरकार इस दिशा में ठोस कदम उठा रही है। वहीं, भाजपा नेताओं का मानना है कि सपा का चेहरा अब पूरी तरह बेनकाब हो चुका है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह विवाद आने वाले चुनावों में बड़ा मुद्दा बन सकता है। भाजपा जहां इसे “सपा की अपराध समर्थक छवि” से जोड़ रही है, वहीं समाजवादी पार्टी भाजपा पर लोकतंत्र और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला करने का आरोप लगा रही है। लेकिन सच यह है कि पूजा पाल का निष्कासन सपा के अंदर की राजनीति और पार्टी नेतृत्व की असहज स्थिति को उजागर करता है।
दयाशंकर सिंह के इस बयान से राजनीतिक हलकों में हलचल मच गई है। उन्होंने यह साफ कर दिया कि भाजपा अपराध और अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। वहीं, सपा पर यह आरोप गंभीर सवाल खड़े कर रहा है कि क्या पार्टी वास्तव में जनता के हित में राजनीति कर रही है या फिर अपराधियों को बचाने की कोशिश कर रही है।
उत्तर प्रदेश की राजनीति में यह मामला एक बार फिर से सत्ता और विपक्ष के बीच तीखे टकराव को उजागर कर रहा है। अब देखना यह होगा कि आने वाले दिनों में यह मुद्दा किस तरह से राज्य की राजनीति को प्रभावित करता है।



