UP में 9वीं-10वीं छात्रों को राहत, पत्राचार शिक्षा से पढ़ाई संभव

उत्तर प्रदेश सरकार ने छात्रों के लिए एक महत्वपूर्ण फैसला लेते हुए 9वीं और 10वीं कक्षा के विद्यार्थियों को पत्राचार (correspondence) शिक्षा के माध्यम से पढ़ाई करने की अनुमति देने की पहल की है। इस व्यवस्था से उन छात्रों को राहत मिलेगी जो किसी कारणवश नियमित स्कूल नहीं जा पा रहे हैं।
इस कदम का उद्देश्य शिक्षा को अधिक लचीला और समावेशी बनाना है, ताकि कोई भी छात्र पढ़ाई से वंचित न रहे। Uttar Pradesh में इस योजना के लागू होने से ग्रामीण क्षेत्रों और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्रों को विशेष लाभ मिलने की उम्मीद है। अब छात्र अपनी सुविधा के अनुसार अध्ययन सामग्री प्राप्त कर परीक्षा की तैयारी कर सकेंगे।
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल ड्रॉपआउट दर को कम करने में मदद कर सकती है। साथ ही, कामकाजी या किसी कारणवश स्कूल से दूर रहने वाले छात्रों के लिए यह एक बेहतर विकल्प साबित होगा। हालांकि, सफल क्रियान्वयन के लिए डिजिटल संसाधनों और अध्ययन केंद्रों की उपलब्धता को मजबूत करना जरूरी माना जा रहा है।



