यूपी में स्कूल वाहनों के पंजीकरण की रफ्तार धीमी

उत्तर प्रदेश में स्कूल वाहनों की सुरक्षा और पंजीकरण व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। प्रदेश के केवल 25 जिलों में ही स्कूल वाहनों का शत-प्रतिशत पंजीकरण पूरा हो पाया है, जबकि बाकी जिलों में प्रक्रिया अब भी अधूरी है। गर्मी की छुट्टियों से पहले निगरानी व्यवस्था भी धीमी पड़ने से प्रशासनिक चिंता बढ़ गई है।
परिवहन विभाग और शिक्षा विभाग की ओर से स्कूल बसों और अन्य वाहनों के फिटनेस, सुरक्षा मानकों और दस्तावेजों की जांच के निर्देश दिए गए थे। हालांकि कई जिलों में निगरानी अभियान तय गति से नहीं चल पाया। अधिकारियों का कहना है कि छुट्टियों और प्रशासनिक व्यस्तताओं के कारण प्रक्रिया प्रभावित हुई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि स्कूल वाहनों की नियमित जांच बच्चों की सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी है। फिटनेस प्रमाणपत्र, ड्राइवर सत्यापन और सुरक्षा उपकरणों की जांच में लापरवाही गंभीर हादसों का कारण बन सकती है। ऐसे में सरकार पर व्यवस्था को और सख्ती से लागू करने का दबाव बढ़ रहा है।



