UP Flood: यूपी में बाढ़ से हालात बिगड़े, प्रयागराज के पांच पुल डूबे

उत्तर प्रदेश में लगातार हो रही बारिश के कारण गंगा, यमुना और अन्य नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। प्रयागराज से वाराणसी तक बाढ़ का असर दिखाई दे रहा है और निचले इलाकों में पानी भरने से जनजीवन प्रभावित हुआ है।
प्रयागराज में गंगा और यमुना के उफान से संगम क्षेत्र समेत कई इलाकों में जलभराव की स्थिति गंभीर हो गई है। पानी बढ़ने के कारण शहर के पांच पुल भी प्रभावित हुए हैं और लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
वाराणसी में गंगा के बढ़ते जलस्तर का सबसे ज्यादा असर घाटों पर दिखाई दे रहा है। मणिकर्णिका घाट के कई हिस्सों में पानी भरने के बाद सामान्य शवदाह स्थल प्रभावित हुए हैं और अब छत पर शवदाह की व्यवस्था करनी पड़ रही है।
हरिश्चंद्र घाट पर भी जलस्तर बढ़ने से वैकल्पिक व्यवस्था की जा रही है। घाटों के आसपास रहने वाले दुकानदारों, नाविकों और तीर्थपुरोहितों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। प्रशासन ने लोगों से नदी और गहरे पानी के आसपास सावधानी बरतने की अपील की है।
प्रयागराज में यमुना और टोंस नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी से बाढ़ का खतरा और बढ़ गया है। संगम क्षेत्र का बड़ा हिस्सा जलमग्न होने के साथ आसपास के निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है।
प्रशासन ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव की तैयारियां तेज कर दी हैं। पुलिस, राजस्व विभाग और एनडीआरएफ की टीमों को अलर्ट रखा गया है। अधिकारियों की ओर से जलस्तर और प्रभावित क्षेत्रों की लगातार निगरानी की जा रही है।
मौसम विभाग की ओर से भी उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना जताई गई है। ऐसे में नदियों के जलस्तर में और वृद्धि होने की आशंका बनी हुई है। लोगों को प्रशासन की एडवाइजरी का पालन करने और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी जा रही है।



