चमोली टनल हादसा: अप्रैल में हुई थी शादी, अब उठेगी अर्थी

उत्तराखंड के चमोली जिले के पीपलकोटी में निर्माणाधीन टीएचडीसी सुरंग में हुए दर्दनाक हादसे ने कई परिवारों की खुशियां छीन लीं। हादसे में टिहरी जिले के 31 वर्षीय प्रदीप सिंह पंवार की भी मौत हो गई। सुरंग में पानी और मलबा आने के बाद कई श्रमिक अंदर फंस गए थे और राहत-बचाव अभियान के बीच मृतकों की पहचान सामने आई।
प्रदीप टिहरी जिले के प्रतापनगर क्षेत्र के गंवाल गांव काफलपानी के रहने वाले थे। वह पीपलकोटी स्थित टीएचडीसी की निर्माणाधीन टनल में काम कर रहे थे। हादसे की खबर जैसे ही उनके परिवार तक पहुंची, घर में कोहराम मच गया और पूरे गांव में मातम पसर गया।
सबसे दर्दनाक बात यह है कि प्रदीप की शादी इसी साल 13 अप्रैल को हुई थी। शादी को अभी कुछ ही महीने बीते थे और परिवार में नई जिंदगी की शुरुआत की खुशियां थीं। लेकिन चमोली की सुरंग में हुए हादसे ने उनकी पत्नी का सुहाग उजाड़ दिया।
परिवार के लिए यह दूसरा बड़ा सदमा है। बताया गया है कि कुछ समय पहले ही प्रदीप की मां का निधन हुआ था। परिवार अभी इस दुख से पूरी तरह उबर भी नहीं पाया था कि प्रदीप की मौत की खबर ने घर में मातम पसरा दिया। मां के बाद बेटे की मौत ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है।
प्रदीप के परिवार में उनके पिता, पत्नी, भाई और भाभी समेत अन्य सदस्य हैं। कुछ महीने पहले जिस घर में शादी की खुशियां थीं, वहां अब अंतिम विदाई की तैयारी हो रही है। गांव के लोग भी इस असमय हुई मौत से स्तब्ध हैं।
चमोली सुरंग हादसे में कई अन्य श्रमिकों की भी जान गई है। घटना के बाद प्रशासन और राहत एजेंसियों ने रेस्क्यू अभियान चलाया। सुरंग करीब तीन किलोमीटर लंबी है और उसके लगभग 1.5 किलोमीटर हिस्से में भूधंसाव के कारण पानी और मलबा आने की जानकारी सामने आई।
प्रदीप की कहानी इस हादसे के मानवीय पहलू को सामने लाती है। एक परिवार जिसने कुछ महीने पहले बेटे की शादी की खुशियां मनाई थीं, अब उसी बेटे की अर्थी उठाने को मजबूर है। इस हादसे ने एक बार फिर निर्माणाधीन सुरंगों में काम करने वाले श्रमिकों की सुरक्षा और उनके परिवारों की चिंताओं को गंभीरता से सामने रखा है।



