Champawat Leopard Attack: पांच दिन में पांच पालतू जानवरों का शिकार, गुलदार को पकड़ने की मांग

उत्तराखंड के चंपावत जिले में गुलदार की लगातार सक्रियता ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। डोबाभागू क्षेत्र में पांच दिनों के भीतर पांच पालतू जानवरों के मारे जाने की सूचना से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। लोगों का कहना है कि गुलदार लगातार आबादी के आसपास घूम रहा है और शाम ढलते ही खतरा बढ़ जाता है। ग्रामीणों ने वन विभाग से गुलदार को जल्द पकड़ने की मांग की है।
पांच दिनों में पांच पालतू जानवरों का शिकार
डोबाभागू क्षेत्र में गुलदार की गतिविधियां लगातार बढ़ने की बात सामने आई है। ग्रामीणों के अनुसार पिछले पांच दिनों में गुलदार ने पांच पालतू जानवरों को अपना शिकार बनाया है। लगातार हो रही घटनाओं से पशुपालकों में विशेष चिंता है।
ग्रामीणों को डर है कि यदि गुलदार की आवाजाही इसी तरह जारी रही तो वह कभी भी आबादी वाले क्षेत्र में इंसानों को भी निशाना बना सकता है।
आबादी के आसपास घूम रहा गुलदार
ग्रामीणों के मुताबिक गुलदार जंगल तक सीमित नहीं है, बल्कि आबादी के आसपास भी उसकी आवाजाही देखी जा रही है। रात के समय स्थिति और गंभीर हो जाती है।
पशुओं के लगातार शिकार से ग्रामीण अपने मवेशियों को लेकर भी सतर्क हो गए हैं। लोग रात के समय अकेले बाहर निकलने से बच रहे हैं।
ग्रामीणों ने की पकड़ने की मांग
लगातार हो रही घटनाओं के बाद ग्रामीणों ने वन विभाग से गुलदार को पकड़ने के लिए तत्काल कार्रवाई की मांग की है। लोगों का कहना है कि केवल निगरानी बढ़ाने से समस्या का स्थायी समाधान नहीं होगा।
ग्रामीण चाहते हैं कि वन विभाग क्षेत्र में पिंजरा लगाने और गश्त बढ़ाने जैसे कदम उठाए, ताकि गुलदार को पकड़ा जा सके और लोगों को राहत मिले।
वन विभाग की कार्रवाई पर नजर
गुलदार की गतिविधियों को देखते हुए अब ग्रामीणों की नजर वन विभाग की कार्रवाई पर है। विभाग की ओर से क्षेत्र की निगरानी और गुलदार की गतिविधियों का आकलन किया जाना महत्वपूर्ण होगा।
वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार ऐसे मामलों में गुलदार की गतिविधियों, उसके संभावित मार्ग और आबादी के आसपास मौजूद भोजन के स्रोतों की पहचान करना भी जरूरी होता है।
ग्रामीणों में बढ़ी दहशत
लगातार पालतू जानवरों के मारे जाने से ग्रामीणों में भय का माहौल है। खासकर उन परिवारों की चिंता बढ़ गई है जिनके घर जंगल और वन क्षेत्र के करीब हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते गुलदार को नियंत्रित नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में खतरा और बढ़ सकता है।
चंपावत के डोबाभागू क्षेत्र में गुलदार के आतंक से ग्रामीण परेशान हैं। पांच दिनों में पांच पालतू जानवरों के मारे जाने के बाद लोगों ने वन विभाग से गुलदार को जल्द पकड़ने की मांग की है। अब क्षेत्र में निगरानी और वन विभाग की कार्रवाई पर ग्रामीणों की नजर है।



