पहली बारिश में दून-पांवटा फोरलेन पर दरारें, निर्माण गुणवत्ता पर सवाल

नवनिर्मित दून-पांवटा फोरलेन सड़क पहली ही बारिश में कई जगहों पर प्रभावित होती नजर आई है। सड़क के कुछ हिस्सों में दरारें आने के बाद निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि करोड़ों रुपये की लागत से बनी सड़क का इतनी जल्दी खराब होना चिंता का विषय है।
बारिश के बाद सड़क की सतह पर आई दरारों और क्षतिग्रस्त हिस्सों ने निर्माण एजेंसी की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। लोगों ने मांग की है कि सड़क निर्माण में इस्तेमाल सामग्री और तकनीकी मानकों की जांच की जाए, ताकि भविष्य में यात्रियों की सुरक्षा से समझौता न हो।
विशेषज्ञों के अनुसार, किसी भी फोरलेन परियोजना की मजबूती के लिए बेहतर गुणवत्ता वाली सामग्री, सही ड्रेनेज व्यवस्था और निर्धारित मानकों के अनुसार निर्माण बेहद जरूरी होता है। पहाड़ी और बारिश प्रभावित क्षेत्रों में यह और भी महत्वपूर्ण हो जाता है।
अब निगाहें संबंधित विभाग की कार्रवाई पर हैं। यदि जांच में निर्माण में कमी सामने आती है तो जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग तेज हो सकती है। वहीं, यात्रियों को भी बारिश के दौरान प्रभावित हिस्सों पर सावधानी से सफर करने की सलाह दी जा रही है।



