Kishau Project: पीएम मोदी के नेतृत्व में 8 दशक पुरानी परियोजना को मिली गति

आठ दशक से लंबित किशाऊ परियोजना को अब आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में परियोजना को गति देने के लिए छह राज्यों के बीच ऐतिहासिक समझौता ज्ञापन यानी एमओयू हुआ है। इस समझौते से लंबे समय से अटकी परियोजना के आगे बढ़ने की उम्मीद मजबूत हुई है।
किशाऊ परियोजना उत्तराखंड समेत संबंधित राज्यों के लिए जल संसाधन प्रबंधन की दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जाती है। परियोजना के माध्यम से जल का बेहतर उपयोग करने के साथ सिंचाई और अन्य जरूरतों को पूरा करने की दिशा में काम किया जा सकेगा।
परियोजना से ऊर्जा उत्पादन की संभावनाएं भी जुड़ी हैं। इसके अलावा जलापूर्ति और सिंचाई व्यवस्था को मजबूत करने में भी इसका योगदान हो सकता है। कई राज्यों के बीच समन्वय से परियोजना के क्रियान्वयन का रास्ता आसान होने की उम्मीद है।
एमओयू को परियोजना के लिए एक ऐतिहासिक पड़ाव माना जा रहा है। दशकों से प्रस्तावित इस योजना को अब राज्यों के बीच सहमति मिलने के बाद नई गति मिल सकती है। इससे उत्तराखंड सहित संबंधित राज्यों में जल और ऊर्जा से जुड़े विकास कार्यों को लाभ मिलने की संभावना है।
किशाऊ परियोजना के आगे बढ़ने से क्षेत्र में आधारभूत ढांचे और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। अब परियोजना की अगली प्रक्रिया और निर्माण से जुड़े कदमों पर सभी संबंधित पक्षों की नजर रहेगी।



