उत्तराखंड में 10 हजार फीट ऊंचाई पर लगता है कुंभ, 12 साल बाद ‘जुम्ली हया सामो’ उत्सव

उत्तराखंड की हिमालयी वादियों में एक ऐसा धार्मिक उत्सव आयोजित होता है, जिसे स्थानीय लोग कुंभ जैसी महत्ता देते हैं। समुद्र तल से करीब 10 हजार फीट की ऊंचाई पर होने वाला ‘जुम्ली हया सामो’ उत्सव 12 साल बाद एक बार फिर श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है।
यह पर्व उत्तराखंड के सीमांत क्षेत्रों की प्राचीन धार्मिक परंपराओं और लोक संस्कृति से जुड़ा हुआ है। इस दौरान दूर-दराज के गांवों से श्रद्धालु और ग्रामीण बड़ी संख्या में पहुंचते हैं और धार्मिक अनुष्ठानों में हिस्सा लेते हैं।
‘जुम्ली हया सामो’ का आयोजन प्राकृतिक रूप से कठिन हिमालयी क्षेत्र में होता है, जहां पहुंचना भी अपने आप में एक चुनौती माना जाता है। इसके बावजूद आस्था से जुड़े लोग लंबी यात्रा कर इस उत्सव में शामिल होते हैं।
12 साल के अंतराल के बाद होने वाले इस आयोजन को लेकर स्थानीय लोगों में खासा उत्साह है। ग्रामीण इसे अपनी सांस्कृतिक पहचान और पीढ़ियों से चली आ रही परंपराओं को आगे बढ़ाने का अवसर मानते हैं।
उत्तराखंड की ऐसी लोक परंपराएं न केवल धार्मिक महत्व रखती हैं, बल्कि राज्य की समृद्ध संस्कृति और हिमालयी जीवनशैली को भी दर्शाती हैं। ‘जुम्ली हया सामो’ जैसे उत्सव क्षेत्र की अनूठी विरासत को देश-दुनिया के सामने लाने का काम करते हैं।



