Rishikesh Rafting: गंगा का जलस्तर बढ़ा, राफ्टिंग के लिए और करना होगा इंतजार

ऋषिकेश में गंगा की लहरों पर राफ्टिंग का रोमांच लेने की तैयारी कर रहे पर्यटकों को अभी थोड़ा और इंतजार करना होगा। पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश के कारण गंगा का जलस्तर बढ़ गया है, जिसके चलते राफ्टिंग संचालन को लेकर स्थिति अनुकूल नहीं है।
मानसून के दौरान गंगा का जलस्तर बढ़ने के कारण ऋषिकेश में रिवर राफ्टिंग पर रोक रहती है। आमतौर पर मानसून समाप्त होने और नदी का जलस्तर सुरक्षित स्तर पर आने के बाद नए राफ्टिंग सत्र की शुरुआत की जाती है।
इस समय पहाड़ों में बारिश का असर सीधे गंगा के जलस्तर पर दिखाई दे रहा है। नदी में तेज बहाव और बढ़े हुए जलस्तर के कारण पर्यटकों की सुरक्षा को देखते हुए राफ्टिंग शुरू करने में जल्दबाजी नहीं की जा रही है।
ऋषिकेश का रिवर राफ्टिंग कारोबार पर्यटन की रीढ़ माना जाता है। शिवपुरी, ब्रह्मपुरी और फूलचट्टी जैसे प्रमुख राफ्टिंग प्वाइंट हर साल बड़ी संख्या में पर्यटकों को आकर्षित करते हैं। मानसून के बाद जलस्तर अनुकूल होते ही यहां गतिविधियां दोबारा शुरू होती हैं।
राफ्टिंग संचालकों और पर्यटन कारोबार से जुड़े लोगों की नजर अब मौसम और गंगा के जलस्तर पर टिकी है। जलस्तर कम होने के बाद सुरक्षा मानकों की समीक्षा की जाएगी और परिस्थितियां अनुकूल मिलने पर राफ्टिंग सत्र शुरू किया जा सकेगा।
पर्यटकों के लिए फिलहाल जरूरी है कि वे राफ्टिंग शुरू होने की आधिकारिक अनुमति का इंतजार करें। गंगा का तेज बहाव जोखिम बढ़ा सकता है, इसलिए सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए प्रशासन और संबंधित विभागों के निर्देशों का पालन करना जरूरी होगा।



