USB-C के बाद अब बैटरी नियम: क्या EU का फैसला बदलेगा मोबाइल इंडस्ट्री?

यूरोपीय संघ (European Union) ने USB-C चार्जिंग स्टैंडर्ड के बाद अब एक और बड़ा बदलाव पेश किया है, जिसके तहत भविष्य में स्मार्टफोन में यूजर-रिप्लेसेबल यानी आसानी से बदली जा सकने वाली बैटरी अनिवार्य हो सकती है। रिपोर्ट्स के अनुसार, यह नियम 2027 से लागू हो सकता है, जिससे मोबाइल फोन की डिजाइन और रिपेयरिंग सिस्टम पूरी तरह बदल जाएगा।
इस नियम का मुख्य उद्देश्य इलेक्ट्रॉनिक कचरे (e-waste) को कम करना और डिवाइस की उम्र बढ़ाना है। अब तक अधिकतर स्मार्टफोन ऐसे डिजाइन किए जाते हैं जिनकी बैटरी बदलना मुश्किल होता है, लेकिन नए नियम के बाद यूजर्स सामान्य टूल्स की मदद से बैटरी बदल सकेंगे।
USB-C के बाद इस कदम को टेक इंडस्ट्री में एक और बड़ा बदलाव माना जा रहा है, क्योंकि इससे कंपनियों को अपने फोन डिजाइन में बड़ा संशोधन करना पड़ सकता है। इसका असर ग्लोबल मार्केट पर भी पड़ेगा, इसलिए भारत जैसे देशों के मोबाइल यूजर्स को भी आने वाले समय में ज्यादा रिपेरेबल और लॉन्ग-लास्टिंग डिवाइस मिलने की उम्मीद है।



