कैलिफोर्निया में AI डेटा सेंटर को लेकर विवाद, किसानों और टेक कंपनी के बीच पानी की लड़ाई

अमेरिका के कैलिफोर्निया में एक बड़े AI डेटा सेंटर प्रोजेक्ट को लेकर विवाद तेज हो गया है। 330 मेगावाट क्षमता वाले इस प्रस्तावित डेटा सेंटर को लेकर स्थानीय किसानों और टेक कंपनी के बीच पानी के इस्तेमाल को लेकर मतभेद सामने आए हैं।
किसानों का कहना है कि बड़े डेटा सेंटरों को चलाने के लिए भारी मात्रा में ऊर्जा और पानी की जरूरत होती है, जिसका असर पहले से जल संकट से जूझ रहे क्षेत्रों पर पड़ सकता है। उनका तर्क है कि कृषि क्षेत्र और स्थानीय समुदायों की जरूरतों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
वहीं, टेक कंपनियों का कहना है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल सेवाओं की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए नए डेटा सेंटर जरूरी हैं। कंपनियां ऊर्जा दक्षता और पानी की खपत कम करने वाली तकनीकों के इस्तेमाल का दावा करती हैं।
AI के विस्तार के साथ दुनिया भर में डेटा सेंटरों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। हालांकि, इनके लिए जमीन, बिजली और पानी जैसे संसाधनों की जरूरत को लेकर कई जगह स्थानीय स्तर पर बहस शुरू हो गई है।
कैलिफोर्निया का यह मामला इस बड़े सवाल को सामने लाता है कि AI विकास और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के बीच संतुलन कैसे बनाया जाए। आने वाले समय में ऐसे प्रोजेक्ट्स के लिए पर्यावरणीय प्रभाव और स्थानीय समुदायों की चिंताएं अहम भूमिका निभा सकती हैं।



