बांग्लादेश के नए राष्ट्रपति बने मिर्जा फखरुल, 35 साल बाद बदला चुनावी इतिहास

बांग्लादेश की राजनीति में गुरुवार को बड़ा बदलाव देखने को मिला। BNP के वरिष्ठ नेता मिर्जा फखरुल इस्लाम अलमगीर संसद में हुए चुनाव में देश के 23वें राष्ट्रपति चुने गए। उन्हें 255 वोट मिले, जबकि उनके प्रतिद्वंद्वी और विपक्षी गठबंधन के उम्मीदवार कर्नल (सेवानिवृत्त) ओली अहमद को 88 वोट मिले। कुल 349 सांसद राष्ट्रपति चुनाव में मतदान के पात्र थे, जिनमें 343 ने वोट डाला।
इस चुनाव की सबसे खास बात यह रही कि 35 साल बाद राष्ट्रपति पद के लिए वास्तविक मुकाबला हुआ। 1991 में संसदीय लोकतंत्र की वापसी के बाद बांग्लादेश में राष्ट्रपति चुनाव आमतौर पर निर्विरोध या सहमति से होते रहे। 2026 का चुनाव इस परंपरा से अलग रहा, जिसमें BNP के मिर्जा फखरुल के सामने 11 दलों के विपक्षी गठबंधन ने ओली अहमद को उम्मीदवार बनाया।
मिर्जा फखरुल इस्लाम अलमगीर लंबे समय से BNP के प्रमुख नेताओं में शामिल रहे हैं और 2016 से पार्टी के महासचिव थे। 2026 के आम चुनाव में BNP की सत्ता में वापसी के बाद उनका राष्ट्रपति पद तक पहुंचना पार्टी के लिए भी महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाक्रम माना जा रहा है।
बांग्लादेश में राष्ट्रपति का पद मुख्य रूप से संवैधानिक और औपचारिक है, लेकिन राष्ट्रपति सशस्त्र बलों के कमांडर-इन-चीफ भी होते हैं। मिर्जा फखरुल पूर्व राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन का स्थान लेंगे, जिन्होंने स्वास्थ्य कारणों से पद छोड़ा था। उनका शपथ ग्रहण 21 अगस्त 2026 को होने वाला है।
मुख्य बातें:
- मिर्जा फखरुल इस्लाम अलमगीर बांग्लादेश के 23वें राष्ट्रपति बने।
- उन्हें 255 वोट, ओली अहमद को 88 वोट मिले।
- 35 साल बाद राष्ट्रपति पद के लिए मुकाबले वाला चुनाव हुआ।
- 349 में से 343 सांसदों ने मतदान किया।
- मिर्जा फखरुल BNP के वरिष्ठ नेता और लंबे समय तक महासचिव रहे।
- राष्ट्रपति का शपथ ग्रहण 21 अगस्त को प्रस्तावित है।



