
अमेरिका और पाकिस्तान के बीच बढ़ती नजदीकियों को लेकर एक पूर्व अमेरिकी राजदूत ने चेतावनी दी है कि इससे भारत के लिए “ऑपरेशन सिंदूर 2” जैसे किसी भी संभावित कदम को अंजाम देना पहले की तुलना में अधिक जटिल हो सकता है। उनका मानना है कि वॉशिंगटन और इस्लामाबाद के बीच रणनीतिक सहयोग मजबूत होने से क्षेत्रीय समीकरण बदल सकते हैं, जिसका सीधा प्रभाव भारत की सुरक्षा और कूटनीतिक रणनीतियों पर पड़ सकता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, इस स्थिति में भारत को अपने कदम बेहद सोच-समझकर उठाने होंगे, ताकि अंतरराष्ट्रीय दबाव और क्षेत्रीय संतुलन दोनों को ध्यान में रखा जा सके। वहीं, अमेरिका की भूमिका इस पूरे परिदृश्य में अहम बनी हुई है, जो दक्षिण एशिया की स्थिरता और शक्ति संतुलन को प्रभावित कर सकती है।



