मीठे से परहेज और दवा लेने के बाद भी क्यों बढ़ जाती है शुगर? जानें 5 बड़े कारण

डायबिटीज़ एक ऐसी बीमारी है जो केवल दवा और मीठे से परहेज करने से पूरी तरह नियंत्रित नहीं होती। कई बार मरीज नियमित रूप से दवा लेने और मिठाई या शर्करा से दूरी बनाने के बावजूद ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल नहीं कर पाते। इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं जिन्हें समझना ज़रूरी है।
पहला कारण है तनाव (Stress)। जब व्यक्ति अधिक तनाव में रहता है तो शरीर में कॉर्टिसोल हार्मोन का स्तर बढ़ जाता है, जिससे ब्लड शुगर अचानक बढ़ सकता है। दूसरा कारण है अनियमित दिनचर्या। समय पर भोजन न करना, देर रात तक जागना या पर्याप्त नींद न लेना शुगर लेवल पर सीधा असर डालता है। तीसरा कारण है शारीरिक गतिविधि की कमी। दवा और परहेज के बावजूद यदि मरीज रोज़ाना व्यायाम या हल्की वॉक नहीं करता तो शरीर ग्लूकोज को सही तरीके से इस्तेमाल नहीं कर पाता।
चौथा बड़ा कारण है अनियमित खानपान। कई बार लोग मीठा तो छोड़ देते हैं लेकिन हाई-कार्ब वाले खाद्य पदार्थ जैसे चावल, आलू, मैदे से बनी चीज़ें, जंक फूड या तले-भुने स्नैक्स का सेवन करते रहते हैं, जिससे शुगर लेवल बढ़ जाता है। पांचवां कारण है दवा या इंसुलिन की गलत डोज़। डॉक्टर की सलाह के बिना दवा की मात्रा बदलना या समय पर इंसुलिन न लेना भी डायबिटीज़ रोगियों के लिए खतरनाक हो सकता है।
इसके अलावा हार्मोनल बदलाव, संक्रमण, थायरॉइड या अन्य स्वास्थ्य समस्याएं भी ब्लड शुगर बढ़ाने में भूमिका निभा सकती हैं। इसलिए डायबिटीज़ मरीजों को केवल मीठे से परहेज और दवा पर निर्भर नहीं रहना चाहिए, बल्कि संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, समय पर सोना-जागना और तनाव को नियंत्रित करना भी ज़रूरी है।
अगर शुगर लगातार बढ़ी हुई रहे तो तुरंत डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए, ताकि समय रहते सही कारण की पहचान कर उपचार किया जा सके।



