DDA की कमाई में 120% उछाल, अब प्राइवेट बिल्डरों को बड़ी संख्या में फ्लैट अलॉट करने की तैयारी

दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) ने चालू वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में फ्लैट बिक्री से रिकॉर्ड 1,020 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया है। यह पिछले वर्ष की समान अवधि के 462 करोड़ रुपये की तुलना में करीब 120% अधिक है। इस दौरान DDA ने विभिन्न श्रेणियों के कुल 1,284 फ्लैट बेचे।
इस सफलता में सबसे बड़ा योगदान नरेला सब-सिटी का रहा, जहां 1,153 फ्लैट बिके। DDA का कहना है कि बेहतर बुनियादी ढांचे, आवासीय योजनाओं और कनेक्टिविटी में सुधार के कारण खरीदारों का भरोसा बढ़ा है।
बिक्री के आंकड़ों के अनुसार, पहली तिमाही में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के 336, निम्न आय वर्ग (LIG) के 322, मध्यम आय वर्ग (MIG) के 435 और उच्च आय वर्ग (HIG) के 191 फ्लैट बिके। इनमें सबसे अधिक हिस्सेदारी MIG श्रेणी की रही।
मजबूत मांग को देखते हुए DDA अब निजी बिल्डरों और संस्थागत खरीदारों को बड़ी संख्या में फ्लैट आवंटित करने की योजना पर भी काम कर रहा है। DDA की कुछ आवासीय योजनाओं में पहले से ही बल्क अलॉटमेंट का प्रावधान मौजूद है, जिसके जरिए एक साथ बड़ी संख्या में फ्लैट आवंटित किए जा सकते हैं।
फिलहाल DDA की ‘कर्मयोगी आवास योजना’, ‘नागरिक आवास योजना’ और ‘टावरिंग हाइट्स’ जैसी योजनाएं 31 जुलाई 2026 तक ‘फर्स्ट कम, फर्स्ट सर्व’ आधार पर जारी हैं। आवेदन और खरीद की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन उपलब्ध है।



