नैनीताल हाई कोर्ट फैसले पर SC की टिप्पणी, कहा- न्याय सिर्फ होना नहीं, दिखना भी चाहिए

सुप्रीम कोर्ट ने नैनीताल हाई कोर्ट के एक फैसले पर सुनवाई के दौरान महत्वपूर्ण टिप्पणी की है। शीर्ष अदालत ने कहा कि “न्याय केवल किया ही नहीं जाना चाहिए, बल्कि न्याय होता हुआ दिखाई भी देना चाहिए।” अदालत ने यह टिप्पणी न्यायिक निष्पक्षता और प्रक्रिया की पारदर्शिता के संदर्भ में की।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि न्याय व्यवस्था में लोगों का विश्वास बनाए रखना बेहद जरूरी है। किसी भी न्यायिक आदेश या प्रक्रिया में निष्पक्षता नजर आनी चाहिए, ताकि पक्षकारों और आम जनता को यह भरोसा रहे कि मामले की सुनवाई पूरी ईमानदारी और संतुलन के साथ हुई है।
मामले की सुनवाई के दौरान शीर्ष अदालत ने हाई कोर्ट के फैसले के कुछ पहलुओं पर सवाल उठाए और न्यायिक दृष्टिकोण से उन्हें परखा। हालांकि, अदालत की टिप्पणी का उद्देश्य न्यायिक प्रक्रिया में विश्वास और पारदर्शिता के महत्व को रेखांकित करना था।
भारतीय न्याय व्यवस्था में “Justice must not only be done, but must also be seen to be done” का सिद्धांत लंबे समय से महत्वपूर्ण माना जाता है। इसका अर्थ है कि अदालतों के फैसले और उनकी प्रक्रिया ऐसी होनी चाहिए जिससे निष्पक्षता स्पष्ट रूप से दिखाई दे।
सुप्रीम कोर्ट की यह टिप्पणी न्यायपालिका में जनता के विश्वास और न्यायिक संस्थानों की जवाबदेही को लेकर एक अहम संदेश के रूप में देखी जा रही है।



