World Cup 2027 Format: ICC के नए फॉर्मेट पर बवाल, स्कॉटलैंड-नीदरलैंड नाराज

World Cup 2027 के नए फॉर्मेट को लेकर क्रिकेट जगत में विवाद बढ़ गया है। ICC ने जुलाई में 14 टीमों वाले वनडे विश्व कप के लिए नया तीन-चरणीय प्रारूप घोषित किया था। अब स्कॉटलैंड और नीदरलैंड क्रिकेट बोर्ड ने इस बदलाव की आलोचना करते हुए कहा है कि इतनी महत्वपूर्ण संरचनात्मक प्रक्रिया में एसोसिएट देशों से पर्याप्त बातचीत नहीं की गई। दोनों बोर्डों ने बदलाव को निराशाजनक और अनादरपूर्ण बताया है।
क्या है World Cup 2027 का नया फॉर्मेट?
ICC के नए प्रारूप में विश्व कप में 14 टीमें ही हिस्सा लेंगी, लेकिन टूर्नामेंट की शुरुआत सीधे ग्रुप चरण से नहीं होगी। सबसे निचली रैंकिंग वाली तीन टीमों के बीच पहले एक Super Series खेली जाएगी। तीनों टीमें आपस में मुकाबले करेंगी और केवल शीर्ष टीम अगले चरण में पहुंचेगी।
12 टीमों का होगा मुख्य ग्रुप चरण
Super Series के बाद 12 टीमें दो ग्रुप में बांटी जाएंगी। प्रत्येक ग्रुप में छह टीमें होंगी और कुल 30 मुकाबले खेले जाएंगे। दोनों ग्रुप से शीर्ष तीन टीमें अगले चरण के लिए क्वालीफाई करेंगी। इसके अलावा दोनों ग्रुप में अगली सर्वश्रेष्ठ टीम को भी आगे बढ़ने का मौका मिलेगा।
Super 7 में होगी असली टक्कर
अगले चरण में सात टीमें Super 7 राउंड में एक-दूसरे से खेलेंगी। इस चरण में कुल 21 मैच होंगे और शीर्ष चार टीमें सेमीफाइनल में पहुंचेंगी। इसके बाद पहले स्थान वाली टीम का मुकाबला चौथे स्थान की टीम से और दूसरे स्थान की टीम का सामना तीसरे स्थान वाली टीम से होगा।
स्कॉटलैंड और नीदरलैंड ने क्यों जताई नाराजगी?
स्कॉटलैंड और नीदरलैंड का आरोप है कि फॉर्मेट में बदलाव से एसोसिएट देशों के लिए अनिश्चितता बढ़ी है। उनका कहना है कि टीमों को लंबे समय की तैयारी और योजना बनाने में मुश्किल होगी। दोनों बोर्डों ने यह भी चिंता जताई कि ऐसे फैसले क्रिकेट के वैश्विक विस्तार और उभरते देशों के विकास को प्रभावित कर सकते हैं।
ICC ने बदलाव को क्यों बताया जरूरी?
ICC का कहना है कि नए प्रारूप का उद्देश्य शुरुआती दौर से ही मुकाबलों को ज्यादा प्रतिस्पर्धी बनाना और हर मैच का महत्व बढ़ाना है। बोर्ड के मुताबिक Super Series और Super 7 जैसे चरणों से टूर्नामेंट में ज्यादा रोमांच और प्रतिस्पर्धा आएगी। विश्व कप 2027 दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया की मेजबानी में खेला जाएगा।
एसोसिएट देशों के लिए बड़ा सवाल
विवाद का सबसे बड़ा मुद्दा यह है कि विश्व कप को वैश्विक स्तर पर क्रिकेट के विस्तार का माध्यम कैसे बनाया जाए। स्कॉटलैंड और नीदरलैंड जैसे देशों का मानना है कि बड़े टूर्नामेंट में लगातार मौके मिलना उनके खिलाड़ियों और घरेलू क्रिकेट के विकास के लिए महत्वपूर्ण है। दूसरी ओर ICC प्रतिस्पर्धात्मक स्तर और बड़े मुकाबलों की गुणवत्ता बढ़ाने को प्राथमिकता दे रहा है।
कुल मिलाकर, World Cup 2027 का नया फॉर्मेट ICC के लिए प्रतिस्पर्धा बढ़ाने की कोशिश है, लेकिन स्कॉटलैंड और नीदरलैंड की आपत्ति ने क्रिकेट के विकास और एसोसिएट देशों की भागीदारी को लेकर नई बहस छेड़ दी है। अब देखना होगा कि ICC इन बोर्डों की चिंताओं पर आगे क्या कदम उठाता है।



