
हरिद्वार में रविवार को ‘एक राष्ट्र-एक चुनाव’ को लेकर संत समाज का बड़ा समागम आयोजित हुआ। देशभर से पहुंचे संतों ने एक साथ चुनाव कराने की व्यवस्था को देश की मजबूती और विकास के लिए जरूरी बताते हुए इसके समर्थन में संकल्प लिया।
कार्यक्रम में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान, योग गुरु बाबा रामदेव और अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के प्रमुख संतों सहित कई धार्मिक हस्तियां शामिल हुईं। इस दौरान देशहित और चुनावी व्यवस्था में सुधार को लेकर विचार-विमर्श किया गया।
संतों ने कहा कि बार-बार होने वाले चुनावों से प्रशासनिक और विकास कार्यों पर असर पड़ता है। एक साथ चुनाव होने से समय और संसाधनों की बचत के साथ नीतिगत फैसलों में निरंतरता बनाए रखने में मदद मिल सकती है।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने ‘एक राष्ट्र-एक चुनाव’ को लेकर जनजागरूकता बढ़ाने और देशभर में इस विषय पर व्यापक चर्चा की आवश्यकता पर भी जोर दिया। हरिद्वार में आयोजित यह संत समागम इस मुद्दे को धार्मिक और सामाजिक मंच से मिले समर्थन के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
संत समाज के इस संकल्प के बीच ‘एक राष्ट्र-एक चुनाव’ को लेकर देश में राजनीतिक और सामाजिक बहस भी तेज होने की उम्मीद है। इस व्यवस्था के समर्थक इसे चुनावी खर्च और बार-बार लागू होने वाली आचार संहिता से राहत का माध्यम मानते हैं, जबकि इसके स्वरूप और क्रियान्वयन को लेकर अलग-अलग मत मौजूद हैं।



