साड़ी भारतीय महिलाओं के सबसे खूबसूरत पारंपरिक परिधानों में से एक है। लेकिन साड़ी का लुक सिर्फ कपड़े और ड्रेपिंग से नहीं, बल्कि उसके साथ पहनी गई जूलरी से भी काफी प्रभावित होता है। गलत डिजाइन या जरूरत से ज्यादा जूलरी पूरे लुक को भारी बना सकती है, जबकि सही जूलरी साड़ी की खूबसूरती को और निखार देती है।
कॉटन साड़ी के साथ हल्की और सिंपल जूलरी अच्छी लग सकती है। ऑक्सीडाइज्ड सिल्वर, छोटे झुमके या मिनिमल नेकपीस जैसे विकल्प इसके सादे और एलिगेंट लुक को बनाए रखते हैं। रोजमर्रा या ऑफिस वियर के लिए बहुत ज्यादा हैवी जूलरी से बचना बेहतर रहता है।
वहीं कांजीवरम और सिल्क साड़ी के साथ गोल्ड टोन वाली पारंपरिक जूलरी का कॉम्बिनेशन काफी आकर्षक लगता है। झुमके, चोकर, लंबी हार या ट्रेडिशनल नेकलेस जैसे विकल्प साड़ी के रिच लुक के साथ अच्छी तरह मेल खा सकते हैं। खास मौकों और त्योहारों पर इस तरह की जूलरी को प्राथमिकता दी जा सकती है।
बनारसी साड़ी के साथ भी क्लासिक और रॉयल लुक वाली जूलरी चुनी जा सकती है। अगर साड़ी पर पहले से भारी जरी या डिजाइन है, तो जूलरी चुनते समय संतुलन रखना जरूरी है। साड़ी और जूलरी दोनों बहुत ज्यादा हैवी होने पर पूरा लुक जरूरत से ज्यादा भरा हुआ नजर आ सकता है।
आखिर में जूलरी चुनते समय साड़ी के रंग, फैब्रिक, डिजाइन और मौके का ध्यान रखना सबसे जरूरी है। दिन के कार्यक्रम के लिए हल्की जूलरी और शादी या किसी खास समारोह के लिए पारंपरिक या स्टेटमेंट जूलरी चुनी जा सकती है। सही बैलेंस के साथ छोटी-सी जूलरी भी साड़ी के पूरे लुक को खास बना सकती है।



