Joshua Wong Sentenced: हांगकांग के एक्टिविस्ट को 10 साल की जेल

हांगकांग के प्रमुख लोकतंत्र समर्थक कार्यकर्ता जोशुआ वोंग को 10 साल जेल की सजा सुनाई गई है। हांगकांग की हाई कोर्ट ने गुरुवार, 5 नवंबर 2026 को विदेशी ताकतों के साथ मिलीभगत कर राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे में डालने की साजिश के मामले में यह फैसला सुनाया। 30 वर्षीय जोशुआ वोंग पहले से ही एक अन्य मामले में जेल की सजा काट रहे हैं। नई सजा के बाद उनकी रिहाई अब 2036 के अंत तक टलने की संभावना है।
क्या है जोशुआ वोंग पर आरोप?
अभियोजन पक्ष के मुताबिक, जोशुआ वोंग ने निर्वासित पूर्व सांसद नाथन लॉ और अन्य लोगों के साथ मिलकर विदेशी देशों, संस्थाओं और व्यक्तियों से चीन तथा हांगकांग के अधिकारियों के खिलाफ प्रतिबंध लगाने, नाकेबंदी करने और अन्य कठोर कदम उठाने की अपील की थी। यह मामला बीजिंग की ओर से जून 2020 में हांगकांग में राष्ट्रीय सुरक्षा कानून लागू किए जाने के बाद की गतिविधियों से जुड़ा है। वोंग ने सितंबर 2026 में इस मामले में अपना अपराध स्वीकार कर लिया था।
अदालत ने क्यों सुनाई 10 साल की सजा?
हाई कोर्ट के न्यायाधीश विलियम टैम ने इस अपराध को गंभीर श्रेणी का माना। अदालत ने सजा तय करते समय 13 साल की अवधि को शुरुआती आधार बनाया, लेकिन वोंग के अपराध स्वीकार करने और अन्य राहत देने वाले पहलुओं को ध्यान में रखते हुए तीन साल की कटौती की। इसके बाद उन्हें 10 साल जेल की सजा सुनाई गई, जो इस गंभीर अपराध के लिए निर्धारित न्यूनतम सजा है।
पहले से जेल में बंद हैं जोशुआ वोंग
जोशुआ वोंग नवंबर 2020 से जेल में हैं। इससे पहले उन्हें हांगकांग में लोकतंत्र समर्थक आंदोलन और 2020 के अनौपचारिक चुनावी प्राइमरी से जुड़े मामले में चार साल आठ महीने की सजा सुनाई गई थी। नई सजा का कुछ हिस्सा उनकी मौजूदा सजा के साथ एक साथ चलेगा, लेकिन इसके बावजूद उनकी जेल में रहने की अवधि बढ़ गई है।
फैसले पर अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया
जोशुआ वोंग को मिली सजा के बाद अमेरिका और मानवाधिकार संगठनों ने चिंता जताई है। अमेरिका ने फैसले की आलोचना करते हुए उनकी तत्काल रिहाई की मांग की। वहीं, ह्यूमन राइट्स वॉच और एमनेस्टी इंटरनेशनल ने भी इस सजा पर सवाल उठाए हैं। दूसरी ओर, चीन के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि हांगकांग में कानून का शासन कायम है और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामलों में अदालत ने तथ्यों और सबूतों के आधार पर फैसला दिया है।
जोशुआ वोंग की सजा ने हांगकांग के राष्ट्रीय सुरक्षा कानून और लोकतंत्र समर्थक गतिविधियों को लेकर अंतरराष्ट्रीय बहस को फिर तेज कर दिया है। जहां चीन और हांगकांग प्रशासन इसे राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा कानूनी मामला बता रहे हैं, वहीं आलोचक इसे राजनीतिक असहमति और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर कार्रवाई मान रहे हैं।



