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करेंसी पर 1 करोड़ लिखा, कीमत ₹1000 से भी कम! जानिए इस देश ने क्यों छापा इतना बड़ा नोट

दुनिया में कई ऐसे देश हैं जहां की मुद्रा (करेंसी) के बारे में सुनकर लोग हैरान रह जाते हैं। ऐसा ही एक मामला सामने आया, जहां एक देश ने 1 करोड़ (10,000,000) मूल्य का नोट जारी किया, लेकिन उसकी वास्तविक कीमत ₹1000 से भी कम आंकी गई। यह सुनकर किसी को भी आश्चर्य हो सकता है कि आखिर इतनी बड़ी राशि का नोट होने के बावजूद उसकी वैल्यू इतनी कम कैसे हो सकती है।

दरअसल, यह मामला Zimbabwe का है, जहां कुछ साल पहले गंभीर आर्थिक संकट के कारण मुद्रा की स्थिति बेहद खराब हो गई थी। देश में महंगाई (हाइपरइन्फ्लेशन) इतनी तेजी से बढ़ी कि रोजमर्रा की चीजों के दाम आसमान छूने लगे। इस स्थिति में सरकार को बड़ी-बड़ी रकम के नोट छापने पड़े, ताकि लोग जरूरी सामान खरीद सकें।

Zimbabwe में 2000 के दशक के अंत में हालात इतने बिगड़ गए थे कि करोड़ों और अरबों के नोट भी आम हो गए थे। लेकिन इन नोटों की असली कीमत बहुत कम थी, क्योंकि मुद्रा की क्रय शक्ति (purchasing power) लगातार गिर रही थी। इसका मतलब यह था कि भले ही नोट पर 1 करोड़ लिखा हो, लेकिन उससे खरीदी जाने वाली चीजों की मात्रा बहुत सीमित थी।

इस स्थिति को “हाइपरइन्फ्लेशन” कहा जाता है, जिसमें महंगाई इतनी तेजी से बढ़ती है कि मुद्रा का मूल्य लगभग खत्म हो जाता है। ऐसे में सरकार बार-बार नए और बड़े नोट जारी करती है, लेकिन इससे समस्या का समाधान नहीं होता।

आर्थिक विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह की स्थिति तब पैदा होती है जब किसी देश की अर्थव्यवस्था कमजोर हो जाती है, उत्पादन घट जाता है और सरकार जरूरत से ज्यादा पैसा छापने लगती है। Zimbabwe में भी कुछ ऐसा ही हुआ था, जिसके कारण वहां की मुद्रा की कीमत गिरती चली गई।

इसका असर आम लोगों की जिंदगी पर भी पड़ा। लोगों को रोजमर्रा की चीजें खरीदने के लिए बड़ी-बड़ी रकम लेकर चलना पड़ता था। कई बार तो हालात ऐसे हो जाते थे कि नोटों का इस्तेमाल ईंधन या कागज के रूप में भी किया जाने लगा।

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