Oil Exploration Expansion: होर्मुज संकट के बाद भारत का बड़ा दांव, ₹95,000 करोड़ का प्लान

होर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़े भू-राजनीतिक तनावों के बाद भारत ने ऊर्जा सुरक्षा को और मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। सरकार घरेलू तेल और गैस भंडारों की खोज के लिए लगभग ₹95,000 करोड़ (करीब 10 अरब डॉलर) के निवेश की योजना पर काम कर रही है। इस अभियान के तहत उन समुद्री क्षेत्रों में भी खोज की जाएगी, जहां अब तक सीमित या बिल्कुल भी एक्सप्लोरेशन नहीं हुआ है।
योजना के तहत करीब 2.5 लाख वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में भू-वैज्ञानिक और सिस्मिक सर्वे किए जाएंगे। विशेष फोकस Andaman and Nicobar Islands के आसपास के गहरे समुद्री क्षेत्रों पर रहेगा, जहां ‘समुद्र मंथन’ मिशन के जरिए संभावित हाइड्रोकार्बन संसाधनों की पहचान की जाएगी।
भारत अपनी तेल जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए सरकार का मानना है कि घरेलू उत्पादन बढ़ाने से भविष्य में वैश्विक आपूर्ति संकट और कीमतों में उतार-चढ़ाव का असर कम किया जा सकेगा। यह पहल देश को ऊर्जा के क्षेत्र में अधिक आत्मनिर्भर बनाने की दीर्घकालिक रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा मानी जा रही है।



