Share Market Closing: सेंसेक्स 362 अंक चढ़ा, टाटा स्टील और रिलायंस में तेजी

शेयर बाजार में शुक्रवार, 4 सितंबर 2026 को चार दिन से जारी गिरावट का सिलसिला थम गया। दिनभर के उतार-चढ़ाव के बाद सेंसेक्स 362.57 अंक या 0.48 प्रतिशत की तेजी के साथ 76,515.43 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी 50 में 24.25 अंक यानी 0.10 प्रतिशत की मामूली बढ़त रही और यह 23,897.70 पर बंद हुआ।
कारोबार के दौरान दोनों प्रमुख सूचकांकों ने मजबूत प्रदर्शन किया था। सेंसेक्स एक समय करीब 730 अंक तक चढ़कर 76,883.14 के इंट्राडे हाई पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी ने 24,005.75 का स्तर छुआ। हालांकि कारोबार के अंतिम हिस्से में मुनाफावसूली के कारण बाजार अपनी दिन की ऊंचाई से नीचे आ गया।
टाटा स्टील और रिलायंस में जोरदार खरीदारी
शुक्रवार के कारोबार में टाटा स्टील और रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर निवेशकों के फोकस में रहे। टाटा स्टील करीब 2.91 प्रतिशत की बढ़त के साथ 189 रुपये पर बंद हुआ, जबकि रिलायंस इंडस्ट्रीज में करीब 1.61 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई और शेयर 1,322 रुपये पर बंद हुआ।
इसके अलावा बजाज फाइनेंस, ट्रेंट, अदानी पोर्ट्स, एचडीएफसी बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक, अल्ट्राटेक सीमेंट और टाइटन जैसे प्रमुख शेयरों में भी खरीदारी देखने को मिली। इससे सेंसेक्स को मजबूती मिली और बाजार चार सत्रों की गिरावट के बाद हरे निशान में बंद होने में सफल रहा।
कौन से शेयर दबाव में रहे?
जहां कई बड़े शेयरों में तेजी रही, वहीं कुछ दिग्गज कंपनियों के शेयरों में गिरावट भी दर्ज की गई। भारती एयरटेल, एचसीएल टेक, टेक महिंद्रा, टीसीएस, मारुति सुजुकी, सन फार्मा और एशियन पेंट्स जैसे शेयरों पर दबाव रहा। इससे निफ्टी की बढ़त सीमित रही।
मेटल सेक्टर का शानदार प्रदर्शन
सेक्टोरल प्रदर्शन की बात करें तो निफ्टी मेटल इंडेक्स सबसे मजबूत क्षेत्रों में रहा और इसमें 1 प्रतिशत से अधिक की तेजी दर्ज की गई। निजी बैंकिंग और तेल-गैस शेयरों में भी खरीदारी ने बाजार को सहारा दिया। दूसरी तरफ ऑटो, आईटी, पीएसयू बैंक, फार्मा और रियल्टी इंडेक्स में कमजोरी देखने को मिली।
मिडकैप शेयरों में भी दबाव रहा और निफ्टी मिडकैप इंडेक्स करीब 0.2 प्रतिशत नीचे बंद हुआ। वहीं निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स करीब 0.2 प्रतिशत चढ़कर नए ऑल टाइम हाई पर पहुंचा। इससे संकेत मिलता है कि बाजार में अलग-अलग सेगमेंट के बीच प्रदर्शन में काफी अंतर रहा।
चार दिन बाद बाजार ने ली राहत की सांस
शुक्रवार की तेजी से निवेशकों को लगातार चार कारोबारी सत्रों की गिरावट के बाद राहत मिली। हालांकि पूरे सप्ताह की तस्वीर अभी भी कमजोर रही। Reuters के मुताबिक, सेंसेक्स में सप्ताह के दौरान करीब 1 प्रतिशत और निफ्टी में लगभग 1.2 प्रतिशत की गिरावट रही, जिससे दोनों प्रमुख सूचकांकों में लगातार चौथे सप्ताह कमजोरी दर्ज हुई।
कच्चे तेल की कीमत बनी चिंता
बाजार की तेजी के बावजूद निवेशकों की चिंता पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। पश्चिम एशिया में अमेरिका-ईरान तनाव के बीच कच्चे तेल की कीमतों में मजबूती बनी हुई है। ऊंची तेल कीमतें भारत जैसी तेल आयात करने वाली अर्थव्यवस्था के लिए महंगाई और चालू खाते के मोर्चे पर दबाव बढ़ा सकती हैं।
वैश्विक संकेतों ने शुक्रवार को घरेलू बाजार को कुछ सहारा दिया, लेकिन विदेशी निवेशकों की बिकवाली और महंगे क्रूड को लेकर चिंता बनी हुई है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार विदेशी संस्थागत निवेशकों ने करीब ₹2,346 करोड़ की इक्विटी बेची, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों ने लगभग ₹4,977 करोड़ की खरीदारी की।
निवेशकों के लिए क्या संकेत?
शुक्रवार की तेजी को फिलहाल बाजार की गिरावट के बीच एक राहत के तौर पर देखा जा सकता है। सेंसेक्स का 76,500 के ऊपर बंद होना और निफ्टी का 23,900 के करीब रहना सकारात्मक संकेत है, लेकिन ऊंचे क्रूड और विदेशी बिकवाली जैसी चुनौतियां अभी बनी हुई हैं।
कुल मिलाकर, चार दिन की लगातार गिरावट के बाद भारतीय शेयर बाजार ने शुक्रवार को वापसी की। सेंसेक्स 362.57 अंक चढ़ा, जबकि निफ्टी में मामूली बढ़त रही। टाटा स्टील, रिलायंस इंडस्ट्रीज और वित्तीय क्षेत्र के चुनिंदा शेयर बाजार की तेजी के प्रमुख सहारे बने। आने वाले सत्रों में वैश्विक बाजार, कच्चे तेल की कीमत और विदेशी निवेशकों की गतिविधियां बाजार की दिशा के लिए अहम रहेंगी।



