Vedanta को मिली 152 हेक्टेयर की मैंगनीज खदान, जानें क्यों खास है Punnam Block

माइनिंग सेक्टर में Vedanta को बड़ी कामयाबी मिली है। कंपनी को आंध्र प्रदेश के Punnam Manganese Block के लिए सफल बोलीदाता घोषित किया गया है। यह ब्लॉक 152 हेक्टेयर क्षेत्र में फैला है और आंध्र प्रदेश सरकार के खान एवं भूविज्ञान विभाग की ई-नीलामी प्रक्रिया के जरिए वेदांता ने इसे हासिल किया है। कंपनी को सफल बोलीदाता की आधिकारिक पुष्टि 13 अगस्त 2026 को मिली।
Punnam Manganese Block की सबसे खास बात इसका मैंगनीज संसाधन है। मैंगनीज का इस्तेमाल स्टील और फेरो-मैंगनीज के उत्पादन में बड़े पैमाने पर होता है। इसके अलावा यह इलेक्ट्रिक व्हीकल बैटरी और ऊर्जा भंडारण जैसी उभरती तकनीकों के लिए भी महत्वपूर्ण खनिज माना जाता है।
हालांकि, इस ब्लॉक को लेकर एक महत्वपूर्ण बात यह है कि यह अभी G4 एक्सप्लोरेशन स्टेज पर है। G4 को खनिज खोज की शुरुआती और व्यापक स्तर की जांच माना जाता है। यानी अभी यहां मौजूद मैंगनीज के भंडार की वास्तविक मात्रा और व्यावसायिक क्षमता पूरी तरह स्थापित नहीं हुई है। आगे विस्तृत भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण और खोज की जरूरत होगी।
वेदांता के लिए यह अधिग्रहण उसके डायवर्सिफाइड मेटल्स और माइनिंग पोर्टफोलियो को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। कंपनी पहले से ही कई खनिज और धातु कारोबार में मौजूद है और रणनीतिक खनिजों के क्षेत्र में अपनी उपस्थिति बढ़ा रही है।
भारत के लिहाज से भी यह ब्लॉक महत्वपूर्ण हो सकता है। देश में मैंगनीज की मांग स्टील, इंफ्रास्ट्रक्चर और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के साथ बढ़ रही है। घरेलू उत्पादन बढ़ने से भविष्य में मैंगनीज के आयात पर निर्भरता कम करने में मदद मिल सकती है।
फिलहाल Punnam Block से उत्पादन कब शुरू होगा, इसमें कितना निवेश लगेगा और यहां कितने मैंगनीज भंडार मौजूद हैं, इसकी विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। इसलिए इसे वेदांता के लिए लंबी अवधि की संभावनाओं वाला माइनिंग एसेट माना जा सकता है, न कि तुरंत उत्पादन शुरू करने वाली खदान।



