Bombay House: Tata का असली ताज, 102 साल पुरानी इस इमारत का इतिहास

मुंबई की पहचान सिर्फ गेटवे ऑफ इंडिया, मरीन ड्राइव या ताज होटल से नहीं है, बल्कि शहर के बीचोंबीच मौजूद Bombay House भी भारतीय कॉरपोरेट इतिहास का एक बेहद खास हिस्सा है। 1924 में बनकर तैयार हुई यह इमारत पिछले 102 वर्षों से Tata Group के सफर की गवाह बनी हुई है।
Bombay House मुंबई के फोर्ट इलाके में Homi Mody Street पर स्थित है। इसका निर्माण Tata Group के तत्कालीन चेयरमैन Sir Dorabji Tata के नेतृत्व में हुआ था। टाटा समूह ने 1920 के आसपास यहां जमीन खरीदी थी और मशहूर स्कॉटिश आर्किटेक्ट George Wittet को इमारत का डिजाइन तैयार करने की जिम्मेदारी दी गई। Wittet Gateway of India जैसी मुंबई की प्रतिष्ठित इमारतों के डिजाइन के लिए भी जाने जाते हैं।
Bombay House ने 1 जुलाई 1924 को अपने दरवाजे खोले। शुरुआत में टाटा समूह के चार प्रमुख कारोबार—टेक्सटाइल, होटल, स्टील और पावर—इस कॉरपोरेट मुख्यालय से संचालित होते थे। समय के साथ समूह का विस्तार होता गया और यही इमारत टाटा के बढ़ते कारोबारी साम्राज्य का प्रमुख केंद्र बन गई।
इस इमारत की एक दिलचस्प बात इसका नाम है। इसे ‘Tata House’ नाम देने के बजाय Bombay House कहा गया, जो उस शहर के प्रति टाटा समूह के जुड़ाव को दर्शाता है जहां से उसके कारोबारी सफर ने नई ऊंचाइयां हासिल कीं। आज जिस सड़क पर यह इमारत है, उसे Homi Mody के नाम पर Homi Mody Street कहा जाता है।
Bombay House से टाटा समूह के कई ऐतिहासिक फैसले जुड़े हैं। यहीं से समूह ने शुरुआती कारोबार से आगे बढ़कर नए क्षेत्रों में विस्तार किया। 1932 में भारत की पहली एयरलाइन की परिकल्पना से लेकर बाद के दशकों में टाटा समूह के बड़े वैश्विक विस्तार तक, इस इमारत ने कई महत्वपूर्ण दौर देखे हैं।
इमारत की वास्तुकला भी इसे खास बनाती है। यह Edwardian Neoclassical शैली में बनी है और इसकी बाहरी संरचना Malad stone से तैयार की गई है। बड़े Georgian-style windows, संतुलित डिजाइन और पत्थर की खूबसूरत नक्काशी इसे मुंबई की ऐतिहासिक इमारतों में अलग पहचान देती है।
समय के साथ टाटा समूह के विस्तार के चलते Bombay House में भी बदलाव किए गए। 1941-42 के दौरान इसमें चौथी मंजिल जोड़ी गई, जहां आज चेयरमैन का कार्यालय और ऐतिहासिक बोर्डरूम मौजूद है। इसी बोर्डरूम में टाटा समूह के कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए हैं।
करीब 94 वर्षों तक बड़े बदलाव के बिना रहने के बाद 2017 में Bombay House का व्यापक रिनोवेशन शुरू किया गया। इसे आधुनिक कार्यस्थल में बदलने के साथ-साथ इमारत की ऐतिहासिक पहचान को सुरक्षित रखा गया। जुलाई 2018 में इसका पुनर्निर्मित रूप सामने आया।
आज Bombay House में Tata Sons के साथ Tata Steel, Tata Motors, Tata Power, Tata Chemicals, Tata Industries, Trent और Tata Services जैसी समूह कंपनियों से जुड़े कार्यालय हैं। इमारत को आधुनिक तकनीक और सहयोगी कार्यक्षेत्र से लैस किया गया है, लेकिन इसके ऐतिहासिक बोर्डरूम और बाहरी स्वरूप को काफी हद तक संरक्षित रखा गया है।
यही वजह है कि Bombay House सिर्फ टाटा ग्रुप का ऑफिस नहीं, बल्कि भारतीय उद्योग जगत के इतिहास का एक जीवंत प्रतीक माना जाता है। 1924 से लेकर आज तक इस इमारत ने टाटा समूह के विस्तार, नेतृत्व परिवर्तन और बड़े कारोबारी फैसलों को करीब से देखा है।



