विधानमंडल से 9.12 लाख करोड़ का बजट पारित, यूपी सरकार के 6 महत्वपूर्ण विधेयक भी हुए पास

उत्तर प्रदेश की विधानसभा में वित्तीय वर्ष के लिए 9.12 लाख करोड़ रुपये का विशाल बजट पारित कर दिया गया, जिसे राज्य की आर्थिक दिशा और विकास दृष्टि के लिहाज से ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रस्तुत इस बजट को बहुमत से मंजूरी मिली, जिसके साथ ही विनियोग विधेयक समेत कुल छह महत्वपूर्ण बिल भी सदन से पारित हुए। सरकार का दावा है कि यह बजट प्रदेश को ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में निर्णायक साबित होगा। बजट में आधारभूत संरचना, स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, महिला सशक्तिकरण और युवाओं के रोजगार पर विशेष जोर दिया गया है।
विनियोग विधेयक के पारित होने के साथ ही सरकार को विभिन्न विभागों के लिए धन आवंटन का संवैधानिक अधिकार मिल गया है, जिससे विकास योजनाओं को तेजी से लागू किया जा सकेगा। ग्रामीण सड़कों, एक्सप्रेस-वे, सिंचाई परियोजनाओं और शहरी विकास के लिए बड़े प्रावधान किए गए हैं। किसानों के लिए सब्सिडी, फसल बीमा और आधुनिक कृषि उपकरणों पर निवेश बढ़ाया गया है, वहीं युवाओं के कौशल विकास और स्टार्टअप को प्रोत्साहन देने के लिए नई योजनाओं की घोषणा की गई है।
स्वास्थ्य क्षेत्र में मेडिकल कॉलेजों की संख्या बढ़ाने, जिला अस्पतालों को अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस करने और डिजिटल हेल्थ सेवाओं के विस्तार पर विशेष बल दिया गया है। शिक्षा के क्षेत्र में स्मार्ट क्लास, डिजिटल लाइब्रेरी और तकनीकी संस्थानों को सशक्त बनाने की योजना शामिल है। महिला सुरक्षा और स्वरोजगार योजनाओं के लिए भी अलग से बजटीय प्रावधान किए गए हैं।
विपक्ष ने बजट पर सवाल उठाते हुए कहा कि घोषणाओं के साथ-साथ जमीनी क्रियान्वयन पर ध्यान देना आवश्यक है, जबकि सरकार ने इसे संतुलित और समावेशी बजट बताते हुए प्रदेश के सर्वांगीण विकास का रोडमैप बताया। कुल मिलाकर, 9.12 लाख करोड़ रुपये का यह बजट उत्तर प्रदेश की आर्थिक प्रगति, बुनियादी ढांचे के विस्तार और सामाजिक कल्याण योजनाओं को नई गति देने वाला साबित हो सकता है।



