खिचड़ी चढ़ाने के लिए गोरखनाथ मंदिर में तड़के से लगी भक्तों की भीड़, जयकारों से गूंजा परिसर

खिचड़ी चढ़ाने के पावन अवसर पर गोरखपुर स्थित गोरखनाथ मंदिर में तड़के से ही भक्तों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। सुबह की पहली किरण के साथ ही मंदिर परिसर “बाबा गोरखनाथ की जय” के जयकारों से गूंज उठा। दूर-दराज के गांवों और शहरों से आए श्रद्धालु हाथों में खिचड़ी और पूजन सामग्री लेकर कतारबद्ध होकर दर्शन के लिए प्रतीक्षा करते नजर आए। ठंड के बावजूद श्रद्धालुओं के उत्साह और आस्था में कोई कमी नहीं थी। मान्यता है कि बाबा गोरखनाथ को खिचड़ी चढ़ाने से जीवन में सुख, समृद्धि और शांति आती है, इसी विश्वास के साथ बड़ी संख्या में भक्त मंदिर पहुंचे। मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए दर्शन-पूजन की सुचारु व्यवस्था की थी। प्रवेश और निकास के अलग मार्ग बनाए गए थे, जिससे भीड़ नियंत्रित रही और भक्तों को आसानी से दर्शन मिल सके। सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए थे, वहीं स्वयंसेवक लगातार भक्तों का मार्गदर्शन करते दिखे। बुजुर्गों, महिलाओं और दिव्यांग श्रद्धालुओं के लिए विशेष सुविधा की गई, जिससे उन्हें लंबी कतार में अधिक समय तक खड़ा न रहना पड़े। मंदिर परिसर में भजन-कीर्तन और शंख-घंटियों की मधुर ध्वनि से वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो गया। श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से बाबा को खिचड़ी अर्पित कर परिवार की खुशहाली और अच्छे स्वास्थ्य की कामना की। कई भक्तों ने बताया कि वे हर वर्ष इस अवसर पर बाबा के दर्शन के लिए आते हैं और उनकी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। जैसे-जैसे दिन चढ़ता गया, श्रद्धालुओं की संख्या में और इजाफा होता गया, लेकिन अनुशासन और शांति के साथ दर्शन की प्रक्रिया चलती रही। खिचड़ी चढ़ाने की यह परंपरा गोरखनाथ मंदिर की प्राचीन धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक मानी जाती है। इस अवसर पर मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल ही नहीं, बल्कि श्रद्धा, विश्वास और सामाजिक एकता का केंद्र बनकर उभरा, जहां हर चेहरे पर भक्ति और संतोष की झलक साफ दिखाई दे रही थी।



