
आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक लड़ाई में भारत को एक बार फिर मजबूत अंतरराष्ट्रीय समर्थन मिला है। फ्रांस के राष्ट्रपति Emmanuel Macron ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि आतंकवाद के खिलाफ फ्रांस का इरादा पूरी तरह पक्का है और इस मुद्दे पर वह भारत के साथ मजबूती से खड़ा है। भारत और France के बीच रणनीतिक साझेदारी पहले से ही रक्षा, सुरक्षा और खुफिया सहयोग के क्षेत्र में मजबूत रही है, लेकिन हालिया बयान ने दोनों देशों के रिश्तों को नई मजबूती दी है। मैक्रों ने कहा कि आतंकवाद केवल किसी एक देश की समस्या नहीं, बल्कि पूरी मानवता के लिए खतरा है, इसलिए इससे निपटने के लिए सामूहिक और निर्णायक कार्रवाई जरूरी है। भारत लंबे समय से सीमा पार आतंकवाद का सामना करता रहा है और उसने अंतरराष्ट्रीय मंचों पर लगातार इस मुद्दे को उठाया है। ऐसे में फ्रांस का खुला समर्थन भारत की कूटनीतिक जीत माना जा रहा है। दोनों देशों के बीच रक्षा सौदों, संयुक्त सैन्य अभ्यासों और खुफिया जानकारी के आदान-प्रदान में भी लगातार बढ़ोतरी हुई है। फ्रांस ने यह भी संकेत दिया है कि वह आतंकवाद के वित्तपोषण और उसके नेटवर्क को खत्म करने के लिए वैश्विक स्तर पर कड़े कदमों का समर्थन करेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि भारत-फ्रांस की यह एकजुटता अंतरराष्ट्रीय मंचों पर आतंकवाद के खिलाफ एक मजबूत संदेश देगी और अन्य देशों को भी सख्त रुख अपनाने के लिए प्रेरित करेगी। वर्तमान वैश्विक परिदृश्य में जब कई क्षेत्रों में अस्थिरता बढ़ रही है, तब भारत और फ्रांस का यह साझा संकल्प वैश्विक शांति और सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है।



